ARTO कार्यालय में आमने-सामने आईं दोनों स्विफ्ट डिजायर
रुद्रपुर। Harshita उधम सिंह नगर के एआरटीओ कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो स्विफ्ट डिजायर कारें आमने-सामने खड़ी हो गईं। हैरानी की बात यह रही कि शुरुआती जांच में दोनों वाहनों का चेसिस नंबर भी हूबहू समान पाया गया।
एक कार ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी सहदेव कुमार पाल के नाम दर्ज है, जबकि दूसरी कार कालाढूंगी, नैनीताल निवासी नीरज कुमार के नाम सामने आई है।

🔴 एक नंबर, दो कारें… मामला पहुंचा ARTO दफ्तर
सहदेव कुमार पाल अपनी कार UK-06-AN-0807 के बीमा नवीनीकरण के सिलसिले में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि इसी रजिस्ट्रेशन नंबर की दूसरी कार का भी बीमा किसी अन्य व्यक्ति के नाम चल रहा है।
शिकायत मिलने के बाद परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड खंगाला तो दूसरा वाहन नीरज कुमार के नाम दर्ज मिला। इसके बाद दोनों वाहन मालिकों को उनकी-अपनी कारों समेत एआरटीओ कार्यालय बुलाया गया।
😱 दोनों कारों का चेसिस नंबर भी निकला समान
जब दोनों स्विफ्ट डिजायर को आमने-सामने खड़ा कर जांच की गई तो मामला और गंभीर हो गया। रजिस्ट्रेशन नंबर समान होने के साथ-साथ चेसिस नंबर भी एक जैसा पाया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
आखिर एक ही रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर वाली दो कारें सड़क पर कैसे दौड़ रही थीं?

⚠️ आधार कार्ड में भी सामने आया बड़ा पेंच
जांच के दौरान नीरज कुमार ने बताया कि उन्होंने कार केलाखेड़ा के एक डीलर के माध्यम से खरीदी थी। दस्तावेजों की जांच में जिस व्यक्ति से वाहन खरीदने की बात सामने आई, उसके कागजात में सहदेव कुमार पाल का आधार नंबर मिला।
लेकिन हैरानी की बात यह थी कि आधार नंबर समान होने के बावजूद फोटो और जन्मतिथि अलग-अलग मिली। इससे दस्तावेजों के संभावित फर्जी इस्तेमाल की आशंका भी गहरा गई है।
🔍 पुराने रिकॉर्ड और डीलर की भूमिका भी जांच के घेरे में
विभागीय जांच में सामने आया कि वाहन पहले रुद्रपुर निवासी एक चिकित्सक के नाम दर्ज था। इसके बाद वाहन के अलग-अलग लोगों के नाम ट्रांसफर होने की जानकारी मिली है।
अब परिवहन विभाग पुराने रिकॉर्ड, ट्रांसफर दस्तावेज और संबंधित डीलर की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
🛠️ मारुति की तकनीकी टीम करेगी असली खुलासा
स्थानीय मारुति एजेंसी की तकनीकी टीम ने दोनों वाहनों की जांच शुरू कर दी है। अब रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि—
दोनों में से वास्तविक वाहन कौन सा है?
क्या किसी वाहन के चेसिस नंबर से छेड़छाड़ हुई?
दस्तावेजों में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई?
दोनों वाहनों का एक ही नंबर और चेसिस रिकॉर्ड में कैसे दर्ज हुआ?

By DTI