हरिद्वार | 25 जून 2026, हर्षिता। उत्तराखंड सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और प्राच्य विद्याओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में शामिल ‘मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान’ की स्थापना हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में की जाएगी।
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने गुरुवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध भूमि, आधारभूत सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) सभागार में आयोजित बैठक में परियोजना की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में भूमि संबंधी विषयों, चारदीवारी, मूर्ति स्थापना, मंच निर्माण, पार्किंग एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा की गई।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभाग एक सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करें। परियोजना के लिए शासन स्तर पर सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
आर.के. सुधांशु ने कहा कि यह संस्थान भारतीय संस्कृति, प्राचीन ज्ञान-विज्ञान और शोध के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। यहां योग, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, भारतीय दर्शन, वैदिक अध्ययन, कला एवं अन्य प्राच्य विद्याओं पर शोध, अध्ययन और प्रशिक्षण की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बैठक के दौरान संस्थान की प्रस्तावित कार्ययोजना का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
बैठक में सचिव आयुष रंजना राजगुरु, महानिदेशक संस्कृति एवं भाषा युगल किशोर पंत, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
