नई दिल्ली, दिव्या टाइम्स इंडिया। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष कोई नई बात नहीं। हालांकि, भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। 80 घंटे से अधिक समय तक चले टकराव के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम पांच बजे से संघर्ष विराम हो गया, लेकिन कुछ ही घंटों के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर कायराना हरकत करते हुए संघर्ष विराम का उल्लंघन भी किया। सीमा पर फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है। संघर्ष विराम को लेकर पाकिस्तान का रुख कटघरे में है। अब सरकार की ओर से पिछले चार दिनों के पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी साझा की गई है। जिसमें ये सामने आया कि सेना के जोरदार हमले के बाद कैसे पाकिस्तान अमेरिका के सामने संघर्ष विराम की गुहार लगाने पहुंचा। बाद में भारत अपनी शर्तों पर संघर्ष विराम समझौते के लिए राजी हुआ।

बहावलपुर: घर में घुसकर आतंक पर प्रहार 
भारतीय सशस्त्र बलों ने सात मई को आईएसआई से करीबी तौर पर जुड़े मुरीदके, बहावलपुर के आतंकी शिविरों पर हमला पर जबरदस्त हमला बोलकर नष्ट कर दिया था। भारतीय सेना ने इस ठिकाने पर सबसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसने आतंकियों की रीढ़ तोड़ दी। सूत्रों बताया कि सैन्य स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था “मिट्टी में मिला देंगे, बहावलपुर, मुरिदके और मुजफ़्फराबाद के कैंप को मिट्टी में मिला दिया। पाकिस्तान के हालात हर दौर के बाद बदतर होते गए। युद्ध के हर चक्र में वह परास्त हुआ। पाकिस्तान स्थित वायुसेना ठिकानों पर हमलों के बाद उसे समझ आया कि वह दौड़ में ही नहीं है। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित तो आप भी नहीं हैं।

सैन्य ठिकानों पर तबाही बरसाकर पाकिस्तान की तोड़ी कमर
सूत्रों की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, सेना द्वारा आतंकी शिवरों पर हमले बहुत ही सटीकता से किए गए थे। पाकिस्तान में रहीमयार खान एयरबेस का रनवे पूरी तरह से समतल हो गया था। चकलाला स्थित पाकिस्तानी वायुसेना बेस नूर खान पर भी बुरा हाल हुआ। तकनीकी और सैन्य क्षमताओं के बीच बड़ा अंतर था। भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत बड़ा अंतर था। पाकिस्तान को एहसास हो गया था कि वे उस श्रेणी में नहीं हैं। भारत ने अपनी मर्जी से जवाबी प्रहार किया और पाकिस्तान के हमलों को नाकाम कर दिया गया। पाकिस्तान को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर पर सूत्रों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में टर्निंग प्वाइंट 9 और 10 मई की कार्रवाई थी।  9 मई को भारत द्वारा हवाई हमले किए गए और 10 मई को भारत की ओर से तबाही मचाने वाला जोरदार हमला किया।

By DTI