वेतन रोकने वाले निजी अस्पताल को चिकित्सकों की सैलरी एक सप्ताह में जारी करने के निर्देश**
हरिद्वार, 11 मार्च 2026, हर्षिता। राष्ट्रीय महिला आयोग के विशेष अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के तीसरे दिन आज हरिद्वार जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित विशाल जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पूरे सख़्त व स्पष्ट शब्दों में कहा कि “महिलाओं को न्याय कागज़ों में नहीं, धरातल पर मिलना चाहिए। किसी भी विभाग ने आयोग के निर्देशों को हल्के में लिया तो कड़ी कार्रवाई निश्चित है।”
आयोग की सदस्य विमला नैथानी और कमला जोशी भी इस जनसुनवाई में उपस्थित रहीं। कुल 18 फरियादियों ने अपनी व्यथा आयोग के समक्ष रखी, जिनमें कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया और चार गंभीर प्रकरण सीधे देहरादून मुख्यालय को भेजे गए।
निजी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई – 21 माह से वेतन रोकने पर सख़्त निर्देश
हरिद्वार के मेट्रो हॉस्पिटल में कार्यरत दो महिला चिकित्सकों ने बताया कि बीते एक वर्ष 9 माह से वेतन नहीं दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि:
16 मार्च को आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों
एक सप्ताह के भीतर दोनों महिला चिकित्सकों का सम्पूर्ण बकाया वेतन चेक द्वारा दें
परिवारिक विवाद, दहेज उत्पीड़न और संपत्ति हड़पने के मामले पर तुरंत एक्शन
एक महिला द्वारा पति के अतिरिक्त संबंध और दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आने पर अध्यक्ष ने तुरंत जांच शुरू कराने और दोनों पक्षों को आयोग में तलब करने के निर्देश दिए।
एक विधवा महिला की संपत्ति हड़पने की शिकायत पर जिलाधिकारी हरिद्वार को आदेश दिया गया कि पीड़िता को उसके हिस्से का वैध कब्जा दिलाया जाए।
मनसा देवी मार्ग पर दुकान हटने से प्रभावित महिलाओं को मिलेगा स्थायी समाधान
मनसा देवी मंदिर मार्ग पर दुकान हटने से आजीविका खो चुकी गरीब महिलाओं के लिए अध्यक्ष ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि उन्हें उचित वैकल्पिक स्थान पर दुकान उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका जीवन-यापन सुचारू रहे।
पीड़ितों को कानूनी सहायता व तेज़ कार्रवाई के निर्देश
एक पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया गया।
सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों पर नोडल अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष की स्पष्ट चेतावनी – “महिला आयोग को हल्के में न लें”
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा:
सभी विभाग आयोग के पत्रों पर समयबद्ध जांच रिपोर्ट भेजें।
विभागीय ICC कमेटियों की जांच से असंतुष्ट होने पर पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रत्येक विभाग POSH से संबंधित कार्यशालाएँ अनिवार्य रूप से आयोजित करे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण ही शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
वन स्टॉप सेंटर की प्रभावी कार्यशैली
समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष 490 में से 488 मामलों का सफल निस्तारण किया जा चुका है, जो केंद्र की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
अधिकारियों की व्यापक उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी एल.एन. मिश्रा, एसपी क्राइम निशा यादव, सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, परियोजना निदेशक नलनीत घिल्डियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी एन.के. हल्दियानी, सीओ एस.पी. बलूनी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर सिंह, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, लेबर इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
अध्यक्ष के निजी सचिव आधार वर्मा सहित वन, पर्यटन, विद्युत व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
