हरिद्वार: दिव्या टाइम्स इंडिया।कुंभ मेले से पहले नया उदासीन अखाड़े के साधु संतों में उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. असली नकली संतों के बाद अब असली नकली देवता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. रविवार शाम को उत्तरी हरिद्वार स्थित आश्रम में नया उदासीन अखाड़ा के पंजाब से आए संतों ने बैठक की और आरोप लगाया कि हरिद्वार में नया उदासीन अखाड़ा में बैठे साधु संत वर्षों से नकली देवताओं की पूजा अर्चना कर रहे हैं और कुंभ मेले में भी नकली देवताओं को शाही स्नान करवा रहे हैं. जबकि असली देवता पंजाब में हैं, जिनकी पूजा होती है.
बैठक में निरंजनी गुट वाली अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी और महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि सहित कई साधु संत उपस्थित रहे. इस मौके पर पंजाब से आए नया उदासीन अखाड़ा के सचिव गणेश दास महाराज ने कहा कि, जिन संतों ने नकली देवताओं की पूजा और स्नान कराकर असली देवताओं का अपमान किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अखाड़े से बाहर किया जाएगा. इस बार निरंजनी अखाड़े वाली अखाड़ा परिषद के साथ कुंभ मेले में असली देवताओं को शाही स्नान स्नान कराया जाएगा. इस बार कुंभ मेले में नकली देवताओं का स्नान नहीं होने दिया जाएगा.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी और महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि के साथ शाही स्नान किया जाएगा. जो संत देवताओं का अपमान कर रहे हैं, उन्हें अखाड़े से बाहर किया जाए. जिन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब और गुरु नानक देव के उपदेश की जानकारी नहीं है, वह अखाड़े से बाहर किए जाएंगे. नासिक और प्रयागराज में मुख्यमंत्रियों और प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई जाएगी. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भी संज्ञान लें और कार्रवाई करें. अखाड़े में कुछ महंत गृहस्थ हैं. करोड़ों रुपए का हेरफेर और अखाड़े की भूमि खुर्द बुर्द की है. जो उनका समर्थन कर रहे हैं उन्हें भी सोचना चाहिए. पूरा पंजाब हमारे साथ है. निचली अदालत में भी लड़ाई लड़ी जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में भी जाएंगे. पूरा जीवन उदासीन अखाड़ा को समर्पित है.
नकली देवता बनाना धर्म विरुद्ध है. नकली देवताओं की पूजा और शाही स्नान कराना अपराध है. इसकी जांच होनी चाहिए. उत्तराखंड, पंजाब और यूपी सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. असली देवता महंत गणेश दास के अखाड़े के पास हैं. जिसके पास असली देवता हैं, वही असली अखाड़ा है. पूरा अखाड़ा परिषद गणेश दास के साथ है.
-महंत रविंद्रपुरी, अध्यक्ष, अखाड़ा परिषद-
नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर और महानिर्वाणी गुट वाली अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज ने सभी आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि,
आरोप लगाने वाले नया अखाड़ा के संतों को अखाड़ा विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते पूर्व में बाहर कर दिया गया था. अब वो दूसरे गुट वाले अखाड़ा परिषद को समर्थन देकर केवल संख्याबल में ज्यादा होने का दावा कर रहे हैं. इसका विरोध किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
-करौली शंकर महाराज, राष्ट्रीय मीडिया संयोजक, महानिर्वाणी गुट वाली अखाड़ा परिषद-
जानिए क्या है पूरा मामला: हरिद्वार में 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है. आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा बनाए गए 13 अखाड़े कुंभ मेले की शान होते हैं. इन्हीं अखाड़ों द्वारा कुंभ में पेशवाई, शाही स्नान और शिविर लगाए जाते हैं. कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद दो गुटों में बंट गई.
एक गुट के अध्यक्ष महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी और महामंत्री राजेंद्रदास हैं. इसी तरफ दूसरे गुट के अध्यक्ष निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी और महामंत्री जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज हैं.
नया अखाड़ा के संतों में दो फाड़ होने के बाद अखाड़ा परिषद के दोनों ही गुट, बहुमत होने का दावा कर रहे हैं. महानिर्वाणी गुट 8 अखाड़ों के समर्थन का दावा कर रहा है और निरंजनी गुट 9 अखाड़ों के समर्थन का दावा कर रहे हैं. इसी बीच नया अखाड़ा में असली नकली देवताओं का विवाद भी गहरा गया है.
