देहरादून: हर्षिता। उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी बारिश वाले होंगे. पिछले कई दिनों से लगातार कई जिलों में बारिश हो रही है. ऐसे में अब आने वाले 48 घंटे के लिए भी अलर्ट जारी होने के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी विशेष एहतियात बरतनी होगी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है.
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है. प्रदेश में अगले 48 घंटे बारिश के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं. मौसम विभाग ने 9 और 10 अगस्त को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं 11 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. लगातार बारिश के बीच अब अगले दो दिनों में तेज बारिश की संभावना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और चट्टान गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक 9 अगस्त को प्रदेश के चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इन जिलों में कुछ जगहों पर बेहद तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है. मौसम की स्थिति को देखते हुए इन तीनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
वहीं 9 अगस्त को टिहरी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. यानी इन क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने और तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी.
इसके बाद 10 अगस्त को भी बारिश का असर कम होता नहीं दिख रहा है. इस दिन देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर बारिश का बेहद तीव्र दौर देखने को मिल सकता है. साथ ही आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है. इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
10 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जिलों के लिए येलो अलर्ट है. इन इलाकों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. यानी अगले दो दिन प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों हिस्सों में मौसम की चुनौती बनी रहने वाली है.
11 अगस्त को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. हालांकि इस दिन मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है.
मौसम विभाग ने बारिश के साथ संभावित खतरों को लेकर भी चेतावनी जारी की है. तेज बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. इससे सड़कें बाधित होने के साथ ही बिजली और पेयजल लाइनों को भी नुकसान पहुंच सकता है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना है.
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ स्थानों पर 20 से 30 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बारिश हो सकती है. वहीं कुछ इलाकों में बारिश की रफ्तार 30 से 50 मिलीमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है. खास तौर पर चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट मोड पर है.
ऐसे में अगले 48 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं. लगातार बारिश के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र की चुनौती बढ़ेगी. लोगों और यात्रियों को भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
