रुड़की, हर्षिता । नगर में आज आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। जैन समाज द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। पुरानी कचहरी से प्रारंभ हुई शोभायात्रा सिविल लाइन होते हुए बेटीगंज स्थित जैन धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई। मार्गभर भक्तों ने फूलों की वर्षा कर मुनि श्री का अभिनंदन किया और पूरा वातावरण “मंगल-ध्वनि” से गुंजायमान हो उठा।
बेटीगंज जैन धर्मशाला में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने भगवान के पंचकल्याणक की महिमा का सुन्दर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि “जब हम भगवान के पंचकल्याणक को समझ लेते हैं, तो हमारे जीवन में भी कल्याण के द्वार खुलने लगते हैं।”
उन्होंने श्रावकों से आग्रह किया कि सर्द मौसम में सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आने वाले मुनिराजों के तप और त्याग से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएं।

मुनि श्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक महोत्सव अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि यह सिर्फ आयोजन नहीं बल्कि भगवान शंकर का दैवीय महोत्सव है, जहाँ देव-देवियाँ भी उपस्थित होकर श्रद्धालुओं पर कृपा बरसाते हैं।
कार्यक्रम में समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे जिनमें प्रधान अनिल कुमार जैन, संरक्षक लालचंद जैन, अवनीश कुमार जैन, इंजीनियर चैरब जैन, सुभाष चंद्र जैन, अरुण जैन (मुख्य संयोजक) सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं महिलाएँ शामिल रहीं। शोभायात्रा और धर्मसभा में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने कार्यक्रम को अद्वितीय बना दिया।
