सीडीओ ललित नारायण मिश्रा ने किया प्रशिक्षण समापन, 25 महिलाओं को मिले प्रमाणपत्र**
हरिद्वार, 03 जनवरी 2026, हर्षिता। जनपद हरिद्वार में महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनूठी पहल की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा के निर्देशन में आयोजित एक सप्ताह के क्लाउड किचन प्रशिक्षण का आज समापन हुआ। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 25 महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस प्रशिक्षण के साथ हरिद्वार उत्तराखंड का पहला जनपद बन गया है, जिसने महिलाओं को क्लाउड किचन की आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार की नई दिशा प्रदान की है। यह प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं पीएनबी शताब्दी ग्राम विकास न्यास के सहयोग से संचालित किया गया।
“गंगा रसोई” के नाम से होगी पहचान
सीडीओ मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं के क्लाउड किचन को “गंगा रसोई” नाम दिया गया है, जिससे उन्हें एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि—
“महिलाओं ने मेहनत और समर्पण से क्लाउड किचन का प्रशिक्षण पूरा किया है। अब वे अपने घर से ही उपभोक्ताओं को मनपसंद भोजन उपलब्ध करा सकेंगी। इससे न सिर्फ स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि हरिद्वार एक औद्योगिक और शैक्षणिक हब है, यहां बड़ी संख्या में कामकाजी लोग और छात्र मौजूद हैं। “गंगा रसोई” उनके लिए घर जैसा स्वाद उपलब्ध कराएगी और महिलाओं के लिए एक मजबूत बाजार सुनिश्चित करेगी।
सिडकुल एवं उद्योग विभाग की ओर से इन सभी महिलाओं को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया गया।
“महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने का बड़ा कदम”
सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनीत घिल्डियाल ने बताया कि यह प्रशिक्षिण महिलाओं को स्वरोजगार के मजबूत अवसर प्रदान करेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा सभी महिलाओं को निरंतर सहायता दी जाएगी।
एलडीएम दिनेश गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को क्लाउड किचन शुरू करने के लिए बैंक द्वारा ऋण उपलब्ध कराने में पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई अधिकारी
इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के निर्देशक शिव कुमार सिंह, पीएनबी मंडल कार्यालय के मुख्य प्रबंधक पुरुषोत्तम प्रसाद, जिला परियोजना प्रबंधक (रिप) संजय सक्सेना, आरएम सिडकुल कमल किशोर, उद्योग विभाग के दिनेश सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएँ मौजूद रहीं।

By DTI