दरभंगा | बिहार |दिव्या टाइम्स इंडिया। जब-जब धर्मगुरुओं पर लगे संगीन आरोप सामने आते हैं, देश की आस्था एक बार फिर कटघरे में खड़ी हो जाती है। आसाराम और गुरमीत राम रहीम के बाद अब एक और चर्चित नाम ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। मशहूर कथावाचक श्रवण दास महाराज को नाबालिग से दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
महिला थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
🟥 नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला
यह मामला बिहार के दरभंगा जिले का है, जहां कथावाचक की छवि के पीछे छिपे कथित अपराधों ने सभी को चौंका दिया। पीड़िता की मां ने 19 दिसंबर 2025 को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को दो बार गर्भपात की दवा खिलाई, जिससे उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लंबे इलाज के बाद पीड़िता की हालत में सुधार हुआ।
🏠 किराए के कमरे से शुरू हुआ शोषण
पीड़िता की मां के मुताबिक, श्रवण दास महाराज ने उनके घर में किराए पर कमरा ले रखा था। घर में किसी के न होने पर वह नाबालिग के साथ गलत कृत्य करता था। जब इसकी जानकारी मंदिर के महंत और आरोपी के गुरु मौनी बाबा को दी गई, तो कथित तौर पर कहा गया कि लड़की के बालिग होने पर शादी करवा दी जाएगी।
🗣️ पीड़िता का चौंकाने वाला बयान
पीड़िता ने बताया—
“3 जून 2023 को एक कार्यक्रम में उसने मेरी मां से मोबाइल नंबर लिया।
24 फरवरी 2024 से वह हमारे घर आने लगा और 2 मार्च 2024 को जब मैं अकेली थी, तब शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद कई बार जबरदस्ती करता रहा।”
🛕 मंदिर में भी किया शोषण
पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे मंदिर में अकेले बुलाकर भी शारीरिक संबंध बनाता था और धार्मिक बातों के जरिए उसे भ्रमित करता था।
वह कहता था—
“मेरी आज्ञा मानो, मेरी सेवा करो… जितनी सेवा करोगी उतना फल मिलेगा।”
पीड़िता को भरोसा था कि आगे चलकर शादी होगी, लेकिन बाद में आरोपी ने साफ इनकार कर दिया।
⚖️ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
🔍 सवाल वही, जवाब तलाशता समाज
यह मामला एक बार फिर समाज से सवाल करता है—
क्या आस्था की आड़ में छिपे चेहरे अब भी बेनकाब नहीं होंगे?

By DTI