हरिद्वार, 05 फरवरी 2026। हर्षिता। माँ गंगा के पावन तट पर स्थित सप्तऋषि क्षेत्र एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सप्तऋषि आश्रम मैदान (भारत माता मंदिर के समीप) में आयोजित भव्य ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। देशभर से आए संत-महात्माओं, धर्मगुरुओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना के सशक्त प्रतीक थे। उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़कर मानवता को नई दिशा दी। भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने भारतीय परंपराओं के संरक्षण का जो कार्य किया, वह आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। धामी ने कहा कि उनकी मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी में आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी।
सीएम ने संत परंपरा को “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना से विश्व को जोड़ने वाली बताते हुए कहा कि सनातन धर्म शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है और समय के साथ और अधिक सशक्त होता है।
उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है, साथ ही सख्त नकल विरोधी और दंगारोधी कानून भी प्रभावी किए गए हैं। धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर तथा लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी मानसिकताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। धामी ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के चलते 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
विशिष्ट अतिथियों के विचार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारत माता मंदिर को देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि 2027 कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और युवा शक्ति देश को विकसित राष्ट्र की ओर ले जा रही है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने संतों के सान्निध्य को जीवन की समस्याओं का समाधान बताते हुए कहा कि भारत की असली पहचान सनातन संस्कृति है।
कार्यक्रम में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज सहित अनेक संत-धर्मगुरु उपस्थित रहे। साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों—विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, आयुक्त विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल—ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और अनुयायी शामिल हुए, जिससे सप्तऋषि क्षेत्र आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बन गया।

By DTI