हरिद्वार, 09 मार्च 2026, हर्षिता। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से कुल 61 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 35 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया गया।
किस विभाग से कितनी शिकायतें?
जनसुनवाई में मुख्य रूप से राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल सहित कई विभागों से शिकायतें दर्ज कराई गईं।
मुख्य प्रमुख शिकायतें

  1. मुआवज़ा न मिलने की शिकायत
    जगदीश नगर ज्वालापुर के सतीश कुमार अरोड़ा ने बताया कि उनका हरिलोक आवासीय योजना में स्थित भूखंड का 78.46 वर्गमीटर हिस्सा 2014 में एनएच-58 के लिए अधिग्रहित किया गया, परंतु अब तक मुआवज़ा नहीं मिला।
  2. भूमि पर अवैध मेढ़ व पेड़ लगाने की शिकायत
    औरंगाबाद के बलवंत सिंह ने बताया कि उनकी भूमि पर एक पड़ोसी ने मेढ़ बाँधकर जबरन पोपुलर के पेड़ लगा दिए, जिसके समाधान हेतु पैमाइश की मांग की।
  3. सड़क निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायत
    ग्राम ऐथल बुजुर्ग के सोराब अली ने विधायक निधि से बन रही सड़क में निम्नस्तरीय निर्माण सामग्री उपयोग का आरोप लगाया।
  4. चकरोड पर अवैध कब्ज़ा
    ग्राम पंचायत हजारा ग्रांट की प्रधान ममतेश ने वाल्मीकि बस्ती से नदी मार्ग तक बंद पड़े चकरोड पर अवैध कब्जा हटाने की मांग की।
  5. अतिक्रमण व प्रदूषण की शिकायत
    चंद्राचार्य चौक व आर्यनगर क्षेत्र में फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई।
    शिवगंगा बिहार कॉलोनी के लोगों ने प्लास्टिक कचरा जलाने से हो रहे प्रदूषण पर कार्रवाई की मांग उठाई।
    डीएम का सख्त निर्देश — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
    जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों से कहा:
    हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य है।
    लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, अधिकारी समन्वय बनाकर तत्काल निरीक्षण करें।
    हर शिकायत को संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए।
    सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा
    बैठक में सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
    एल-1 स्तर पर 588 शिकायतें लंबित
    एल-2 स्तर पर 118 शिकायतें लंबित
    जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
    36 दिन से अधिक लंबित सभी शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाए।
    शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर वार्ता की जाए।
    बैठक में उपस्थित अधिकारी
    मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा,
    मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. सिंह,
    जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,
    उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,
    जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह,
    जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल,
    जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी,
    अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार,
    उरेडा परियोजना निर्देशक वाई.एस. बिष्ट
    सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी व शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।

By DTI