देहरादून, हर्षिता: चारधाम यात्रा और शादी सीजन से पहले उत्तराखंड में सरकार ने बड़ी राहत दी है. सरकार अगले तीन महीने का राशन अप्रैल में ही एडवांस देने जा रही है. देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले पर पीएस पांगती ने बताया कि, प्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल- डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है. सरकार ने चारधाम यात्रा और विवाह सीजन को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली हैं.
तीन महीने का राशन एक साथ: खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार ने अहम कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अंत्योदय और प्राथमिक परिवारों को अप्रैल महीने में ही तीन महीने (अप्रैल, मई और जून) का राशन अग्रिम रूप से देना शुरू कर दिया है. राज्य के करीब 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं. इस फैसले से आने वाले महीनों में राशन की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता खत्म हो गई है.


पैनिक बुकिंग में 50% से ज्यादा गिरावट: एलपीजी को लेकर बनी चिंता अब कम होती दिख रही है. अपर आयुक्त ने बताया कि 15 मार्च को राज्य में पैनिक बुकिंग अपने चरम पर थी, जब एक दिन में 90 हजार गैस बुकिंग दर्ज की गई थी. लेकिन 6 अप्रैल तक यह संख्या घटकर 45 हजार रह गई है. यानी पैनिक बुकिंग में 50 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है, जो स्थिति के सामान्य होने का संकेत है.
एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुचारू: उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2026 से अब तक प्रदेश में 18 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं. अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति दी जा रही है, जिससे जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों.
व्यावसायिक सेक्टर के लिए विशेष व्यवस्था: राज्य सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, गेस्ट हाउस, होम स्टे, विवाह समारोह और उद्योगों के लिए रोजाना 6,310 कमर्शियल सिलेंडर वितरण की व्यवस्था की है. चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान मांग बढ़ने को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र से अप्रैल से नवंबर तक 100 प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी आवंटन बनाए रखने और अतिरिक्त 5 प्रतिशत कोटा देने की मांग भी की है.
