देहरादून/हरिद्वार । हर्षिता मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तराखंड में 27 और 28 जून को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी. प्रति घंटा) चलने की संभावना है. वही 29 जून से दो जुलाई तक उत्तराखंड के पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिले के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है.

यही नहीं इस दौरान प्रदेश के अन्य पर्वतीय जिलों में मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश के मैदानी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने तमाम सावधानियां बरतने को लेकर सुझाव भी जारी किये है.

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी सुझाव के अनुसार 27 जून से दो जुलाई के दौरान होने वाली गर्जन, आकाशीय बिजली, झोंकेदार हवाओं के समय घर के अन्दर रहे, खिडकियां और दरवाजे बंद रखें. वहीं गर्जन और आकाशीय बिजली के दौरान बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रखे. इसके साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्जन, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं के समय सुरक्षित स्थानों व पक्के मकानों में ही ठहरे.

वहीं भूस्खलन संभावित संवेदनशील इलाकों के समीप रहने वाले लोगों को भी सावधान रहने की जरुरत है. वाहन चलाते समय यात्रियों या वाहन से जाने वाले लोगों को सावधान रहने की जरुरत हैं. लोगों को सलाह दी जाती है कि सावधानी पूर्वक यात्रा करें. छोटी नदी-नालों के समीप रहने वाले लोगों और बस्तियों को सावधान रहने की जरुरत है.

वहीं, ज्यादा जानकारी देते हुए मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने कहा कि अगले दो दिन प्रदेश के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसी दौरान कुछ मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश की संभावना है. ऐसे में 28 जून के बाद प्रदेश में बारिश का सिलसिला बढ़ने के आसार है, जिसके तहत 28 जून को कुमाऊं के अधिकांश क्षेत्रों और गढ़वाल के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है. इसके बाद 29 जून से 1 जुलाई के दौरान प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश मिलने की संभावना है

By DTI