देहरादून, हरिद्वार हर्षिता।उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार नारी शक्ति के हित में अब तक के सबसे बड़े और निर्णायक कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जब तक महिलाओं को पूरा अधिकार नहीं मिल जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
💠 नारी शक्ति वंदन बिल पर सर्वसम्मति का प्रस्ताव
सीएम धामी ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन बिल को जल्द लागू करने हेतु केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन किया।
उन्होंने इस विषय पर सर्वसम्मति संकल्प का प्रस्ताव भी सदन में रखा।
💠 राज्य आंदोलन और महिला शक्ति का सम्मान
सीएम धामी ने उत्तराखंड की महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाली कई वीरांगनाओं को नमन किया, जिनमें शामिल हैं —
गौरा देवी, टिंचरी माई, बिशनी देवी शाह, जशूली शौक्याण, कमला पंत, सरला बहन, हंसा धनाई आदि।
💠 “सहभागिता से आगे… महिलाएं अब नेतृत्व में”
सीएम ने कहा कि आज नारी शक्ति केवल सहभागिता तक सीमित नहीं है बल्कि—
🚀 चंद्रयान मिशन
🛡️ सेना और वायुसेना के अग्रिम मोर्चों
🏆 खेलों में अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों
—हर जगह महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।
💠 2023 का ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 में लाया गया यह अधिनियम महिलाओं की नीति-निर्माण प्रक्रिया में भूमिका बढ़ाने की दिशा में युगांतकारी कदम बताया गया।
इसमें लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का प्रावधान है।
💠 विशेष सत्र में ऐतिहासिक अवसर खोया: विपक्ष पर हमला
सीएम धामी ने कहा कि 16 अप्रैल को इस ऐतिहासिक संकल्प को साकार करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया, लेकिन विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि
“विपक्ष तालियां बजा रहा था, दृश्य देखकर महाभारत की वह घटना याद आ गई, जब द्रौपदी का अपमान हुआ था।”
💠 “विपक्ष महिला आरक्षण पर भ्रम फैला रहा है”
सीएम ने आरोप लगाया कि विपक्ष महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रहा है।
जबकि लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि
“विपक्ष दशकों सत्ता में रहा, लेकिन महिलाओं को उनका अधिकार देने की हिम्मत कभी नहीं दिखाई।”
