हरिद्वार, 28 मई 2026: हर्षिता। गंगा दशहरा के बाद धर्मनगरी Haridwar को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर सफाई अभियान चला रहा है। जिलाधिकारी Mayur Dixit के निर्देशन में चल रहे विशेष स्वच्छता अभियान के तहत अब तक करीब 300 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है।
यह अभियान जिले की सीमाओं से लेकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। प्रशासन का फोकस विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर है जहां गंगा दशहरा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही और भारी मात्रा में कचरा फैला।
राष्ट्रीय राजमार्गों और घाट क्षेत्रों में विशेष सफाई
स्वच्छता अभियान के नोडल अधिकारी Chandrakant Mani Tripathi ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों, संपर्क मार्गों और जिले की सीमाओं से जुड़े मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। ‘राइट ऑफ वे’ के तहत सड़कों के किनारे जमा कचरे को हटाने के लिए लगातार टीमें तैनात की गई हैं।
मुख्य विकास अधिकारी Lalit Narayan Mishra ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सफाई कार्यों की नियमित फोटो और वीडियो रिपोर्ट कंट्रोल रूम को भेजी जाए ताकि अभियान की सतत निगरानी हो सके।
ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक निगरानी
ग्रामीण इलाकों में खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार और उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वहीं नगर निकायों में अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक लगातार रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेज रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार यह अभियान केवल कूड़ा निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसून से पहले नाले और नालियों की सफाई भी तेजी से कराई जा रही है ताकि जलभराव और बीमारियों की समस्या से बचा जा सके।
गंगा दशहरा के बाद स्वच्छता पर प्रशासन का बड़ा फोकस
गंगा दशहरा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के बाद घाटों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर फैले कचरे को साफ करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती था। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए व्यापक अभियान शुरू किया।
प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

By DTI