रुद्रप्रयाग: हरिद्वार हर्षिता।बाबा केदार की पावन नगरी में अब दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बढ़ती भीड़, मौसम की चुनौतियों और वीआईपी कल्चर को देखते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब श्रद्धालुओं को “सुगम दर्शन” के लिए ₹1100 शुल्क देना होगा।
नई एसओपी लागू होने के बाद धाम में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि अब बाबा के दरबार में मंत्री हो या आम श्रद्धालु, सभी को तय प्रक्रिया के तहत ही दर्शन करने होंगे। लंबे समय से चल रहे रसूख और सिफारिश वाले सिस्टम पर भी इस फैसले को बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
BKTC के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार, यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या, खराब मौसम और घंटों लंबी कतारों की समस्या को देखते हुए नई व्यवस्था तैयार की गई है।
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को निर्धारित शुल्क देकर तय समय में “सुगम दर्शन” की सुविधा मिलेगी। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और अस्वस्थ यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, इस फैसले को लेकर कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा पंडा-पुरोहितों और उनके यजमानों को लेकर हो रही है। वर्षों से चली आ रही परंपरागत व्यवस्था के बीच अब यजमानों के लिए भी पर्ची कटवाना अनिवार्य बताया जा रहा है। इसे BKTC द्वारा व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण माना जा रहा है।
धाम में यह भी चर्चा है कि नई नीति लागू होने के बाद VIP संस्कृति पर काफी हद तक रोक लग सकती है। यानी अब सिफारिश और दबाव की जगह नियम और शुल्क आधारित व्यवस्था लागू होगी।
हालांकि इस फैसले पर लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दे रही है। कुछ श्रद्धालु इसे बेहतर प्रबंधन और सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आस्था पर आर्थिक बोझ मान रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस नई SOP को लेकर बहस तेज हो गई है। इन दिनों केदारनाथ धाम में लगातार बारिश, बर्फीली हवाओं और भारी भीड़ के बीच यात्रा अपने चरम पर है। ऐसे में BKTC की यह नई व्यवस्था आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा की तस्वीर बदल सकती है।

By DTI