हरिद्वार, 8 जून। हर्षिता ।धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियां तेजी से आकार ले रही हैं। सोमवार को श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के अध्यक्ष महंत डॉ. रविन्द्र पुरी महाराज के नेतृत्व में संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुंभ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और नवनिर्माणाधीन घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में जापान से आए महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरी एवं जापानी साध्वी योगमाता सत्य प्रेम गिरी सहित कई संत शामिल रहे। संतों ने शंकराचार्य चौक से सिंहद्वार तक विकसित किए जा रहे घाटों, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और आधारभूत ढांचे का जायजा लिया।
“दिव्य, भव्य और सुरक्षित होगा कुंभ-2027”
निरीक्षण के बाद महंत डॉ. रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार में जिस स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं, वे अभूतपूर्व हैं। नए घाटों और आधुनिक सुविधाओं से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी तथा स्नान पर्वों के दौरान भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा।
उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का वैश्विक उत्सव है। वर्तमान तैयारियां यह विश्वास दिलाती हैं कि कुंभ-2027 दिव्यता, भव्यता और सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगा।
जापान तक गूंज रही कुंभ की महिमा
जापान के टोयामा प्रांत में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में जुटे महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरी ने हरिद्वार में चल रही तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत अपनी आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और दुनिया तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि जापान में भी भारतीय संस्कृति, योग और सनातन दर्शन के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है तथा आगामी कुंभ में उनके अनेक शिष्य हरिद्वार आने की तैयारी कर रहे हैं।
“मानवता को जोड़ने वाला आध्यात्मिक महोत्सव”
जापानी साध्वी योगमाता सत्य प्रेम गिरी ने कहा कि गंगा तट पर आयोजित होने वाला कुंभ विश्व मानवता को जोड़ने वाला आध्यात्मिक महोत्सव है। यह ऐसा मंच है जहां विभिन्न देशों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नयन की भावना से एकत्र होते हैं।
संत समाज ने सराही सरकार और मेला प्रशासन की तैयारियां
इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने संतों को कुंभ-2027 की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार घाट विस्तार, सड़क संपर्क, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हरिद्वार में गंगा तट पर आकार ले रहे नए घाट, आधुनिक सुविधाएं, संत समाज का उत्साह और विदेशों तक पहुंची कुंभ की चर्चा यह संकेत दे रही है कि कुंभ-2027 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय अध्यात्म और सनातन संस्कृति की वैश्विक प्रतिष्ठा का भव्य उत्सव बनने जा रहा है।
