देहरादून: हर्षिता।उत्तरकाशी के हर्षिल-धराली क्षेत्र में भागीरथी नदी का बढ़ता जलस्तर और लगातार हो रहा कटाव नई चिंता बन गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि नदी का प्रवाह बाधित होने से झील जैसी स्थिति बन रही है, जिससे भविष्य में बड़ी आपदा का खतरा बढ़ सकता है।
पिछले साल 5 अगस्त को धराली में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड की दर्दनाक यादें अभी भी ताजा हैं। ऐसे में मानसून की शुरुआत के साथ फिर से खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। लगातार बारिश की आशंका के बीच भागीरथी का जलस्तर और बढ़ सकता है।
हालांकि, आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि फिलहाल झील बनने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों में जुटा हुआ है। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
30 जून को उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के बाद मौसम ने करवट ले ली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वर्ष कुल बारिश सामान्य से कम हो सकती है, लेकिन अत्यधिक और तीव्र बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी बारिश अक्सर भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और नदी कटाव जैसी आपदाओं का कारण बनती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या धराली-हर्षिल फिर किसी बड़ी आपदा की ओर बढ़ रहा है, या समय रहते खतरे को टाला जा सकेगा?

By DTI