हरिद्वार | 7 जुलाई 2026, हर्षिता। हरिद्वार के लक्सर विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए सड़क निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की ओर से कराई गई स्थलीय जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दोषी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
शिकायत के बाद खुला मामला
ग्राम दरगाहपुर निवासी कपिल कुमार ने 23 जून 2025 को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि विधायक निधि से स्वीकृत सीसी सड़क का निर्माण कागजों में दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायत में अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया था।
जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त जांच टीम गठित की। 30 जून 2026 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में शिकायत सही पाई गई।
जांच के दौरान जिस स्थान पर सड़क स्वीकृत थी, वहां कोई निर्माण नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क दूसरी दिशा में बनाई गई है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में स्वीकृत स्थान अलग दर्ज था।
35.50 मीटर का बड़ा अंतर
सबसे बड़ा खुलासा सड़क की लंबाई को लेकर हुआ। सरकारी माप पुस्तिका (एमबी) में दो निर्माण कार्यों की कुल लंबाई 205.50 मीटर दर्ज थी, लेकिन मौके पर संयुक्त पैमाइश में सड़क की वास्तविक लंबाई केवल 170.00 मीटर निकली।
यानी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में 35.50 मीटर का अंतर मिला, जो वित्तीय अनियमितता और संभावित सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर संकेत करता है।
इन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
मुख्य विकास अधिकारी ने तत्कालीन एवं वर्तमान जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है—
पवन सिंह सैनी – तत्कालीन प्रभारी खंड विकास अधिकारी, लक्सर (वर्तमान प्रभारी बीडीओ, नारसन)
संदीप कुमार – तत्कालीन अपर सहायक अभियंता, लक्सर (वर्तमान सहायक अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग, गोपेश्वर)
राजीव कुमार त्रिपाठी – तत्कालीन लेखाकार, लक्सर (वर्तमान लेखाकार, विकास खंड खानपुर)
समय पर जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अभिलेखीय साक्ष्यों सहित अपना पक्ष तत्काल प्रस्तुत करें। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध विभागीय, दंडात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
