देहरादून | 7 जुलाई 2026, हर्षिता। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले ने अब शासन स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
गढ़वाल कमिश्नर करेंगे जांच की अगुवाई
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल आयुक्त करेंगे। समिति में एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है।
दान-चढ़ावे के पूरे सिस्टम की होगी जांच
समिति मंदिर में प्राप्त दान-चढ़ावे के संग्रह, लेखांकन, प्रबंधन और वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच करेगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा सकेंगे।
BKTC कर्मचारी पहले ही निलंबित
दान-चढ़ावे को लेकर सामने आए आरोपों के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक कर्मचारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। अब शासन स्तर पर गठित हाई लेवल कमेटी स्वतंत्र रूप से पूरे मामले की जांच करेगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी देगी सुझाव
सरकार ने समिति को केवल कथित अनियमितताओं की जांच ही नहीं, बल्कि दान-चढ़ावा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के सुझाव देने की भी जिम्मेदारी सौंपी है।
15 दिन बाद आएगी सच्चाई सामने
चारधाम यात्रा के प्रमुख केंद्र बदरीनाथ धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दान-चढ़ावे से जुड़े इस संवेदनशील मामले की जांच पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं। अब समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
