हरिद्वार, 23 अगस्त 2026, हर्षिता। हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर महत्वपूर्ण संवाद हुआ। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को राष्ट्रहित, सुशासन और विकास की निरंतरता से जोड़ते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया।
बार-बार चुनाव विकास की गति में बाधक: शिवराज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनावों से समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की बड़ी खपत होती है। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक मशीनरी, शिक्षक, पुलिस और सुरक्षा बल लंबे समय तक चुनाव संबंधी दायित्वों में व्यस्त रहते हैं, जिसका असर विकास कार्यों पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं तो संसाधनों की बचत के साथ प्रशासन का अधिक समय विकास और जनसेवा में लगाया जा सकेगा।
संत समाज से जनजागरण की अपील
शिवराज सिंह चौहान ने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि संत-महात्मा अपने प्रवचनों और जनसंवाद के माध्यम से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विचार को जनता तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित का मुद्दा है। देश सर्वोपरि रहेगा तो राजनीतिक दल और लोकतांत्रिक व्यवस्था भी मजबूत रहेगी।
‘वंदे मातरम’ को लेकर भी बोले शिवराज
केंद्रीय मंत्री ने ‘वंदे मातरम’ को देश की एकता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताते हुए संत समाज से इसके पूर्ण स्वरूप के समर्थन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय भावना को सर्वोपरि रखना जरूरी है।
‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राष्ट्रीय विषय: CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ कोई राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन, जनकल्याण और संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है।
उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने के दौरान आचार संहिता लागू होने से प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, पुलिस और सुरक्षा बलों को चुनावी ड्यूटी में लगाया जाता है। एक साथ चुनाव होने से सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी और प्रशासन को विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए विकास की गति लगातार बनी रहनी चाहिए। शासन का अधिकतम समय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और जनकल्याणकारी कार्यों पर लगाया जाना आवश्यक है।
संत समाज की रही प्रमुख भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज ने किया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्माओं के साथ कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, मेयर किरण जैसल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और संत समाज के लोग मौजूद रहे।
मुख्य संदेश:
“देश पहले, पार्टी बाद में—‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर संत समाज से जनजागरण का आह्वान।”
