सितंबर 2026। हर्षिता।
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था और मजबूत कर दी है। कुंभ क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए करीब डेढ़ दर्जन जिला स्तरीय अधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नामित अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और प्रत्येक सप्ताह कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा मौके पर उपलब्ध संसाधनों की रिपोर्ट मेला प्रशासन को दें।

⚠️ निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मेलाधिकारी सोनिका ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कुंभ मेला के निर्माण कार्यों में अब किसी भी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण स्थलों पर पूरी क्षमता के साथ काम होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्य की गति के साथ-साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

किसी योजना के क्रियान्वयन में समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए। वहीं, जिन मामलों में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप की जरूरत हो, उन्हें बिना देरी के संज्ञान में लाया जाए।

🌊 घाटों, पुलों और बड़ी परियोजनाओं पर विशेष नजर

मेलाधिकारी ने घाटों, पुलों और अन्य बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष निगरानी रखने को कहा। गंगनहर के क्लोजर के दौरान प्रस्तावित घाटों के निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए संबंधित विभागों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्षाकाल समाप्त होने के बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्यों की तैयारियां भी अभी से पूरी करने को कहा गया है।

🛣️ सड़क और चौराहों के काम में जनता की राय भी होगी शामिल

फुटपाथ, सड़कों और चौराहों के निर्माण एवं सुधार कार्यों को लेकर मेलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से मिलने वाले व्यावहारिक और उपयोगी सुझावों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि कुंभ से जुड़े विकास कार्य आम लोगों की सुविधाओं के अनुरूप अधिक प्रभावी बन सकें।

📍 32 सेक्टरों में बंटा है पूरा कुंभ क्षेत्र

कुंभ क्षेत्र में हरिद्वार के अलावा देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों के क्षेत्र भी शामिल हैं। पूरे कुंभ क्षेत्र को 32 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और इन्हीं सेक्टरों में जिला स्तरीय अधिकारियों एवं उप जिलाधिकारियों को निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

नामित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर हर सप्ताह रिपोर्ट देंगे, जबकि मेला प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी अपने स्तर से कार्यों का जायजा लेते रहेंगे।

🌳 शिविर स्थल, सौंदर्यीकरण और पौधारोपण पर भी फोकस

मेलाधिकारी ने विभिन्न सेक्टरों में प्रस्तावित शिविर स्थलों की भूमि की ड्रेसिंग और लेवलिंग का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान इन कार्यों की प्रगति और वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा गया है।

इसके अलावा कुंभ मेला योजनाओं के तहत चल रहे सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण कार्यों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है।

👀 बड़े प्रोजेक्ट में धीमी गति मिली तो होगा संयुक्त निरीक्षण

मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रत्येक कार्य का समय पर पूरा होना जरूरी है। जिन बड़ी परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलेगी, वहां संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने स्वयं भी विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने की बात कही।

बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष कुमार, नगर मजिस्ट्रेट हरि गिरी, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, एसडीएम हरिद्वार यागेश मेहरा, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, एसडीएम रुड़की देवेंद्र नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

By DTI