हरिद्वार, 22 सितंबर 2026, हर्षिता। बाल सुरक्षा को लेकर हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने हर की पैड़ी, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने घर से बिना बताए हरिद्वार पहुंचे 6 बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह, IPS के दिशा-निर्देशन में तथा पुलिस उपाधीक्षक रुड़की/नोडल AHTU ओशिन जोशी के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। अभियान प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र रमोला रहे।
🚨 गंगा में जान जोखिम में डाल रहे थे बच्चे
अभियान के दौरान पुलिस टीम को कुछ बालक बेहद दयनीय परिस्थितियों में मिले। वहीं, कुछ बच्चे गंगा में खतरनाक तरीके से छलांग लगाकर यात्रियों द्वारा डाले गए सिक्के निकाल रहे थे। इस दौरान उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई।
🧒 कोई एक महीने से था घर से दूर, कोई 15 दिन पहले निकला
रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र करीब 12 से 15 वर्ष के बीच है। पूछताछ में सामने आया कि कुछ बच्चे करीब एक महीने पहले घर से बिना बताए हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि एक बालक लगभग 15 दिन से घर से दूर था।
कुछ बच्चे हर की पैड़ी क्षेत्र में यात्रियों से भोजन और भिक्षा मांगकर जीवन यापन कर रहे थे, जबकि कुछ छोटे-मोटे काम कर रहे थे। एक बालक रेलवे स्टेशन के आसपास रहकर काम कर रहा था।
🏥 मेडिकल जांच के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश
AHTU टीम ने सभी बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई और काउंसलिंग की। इसके बाद सभी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उन्हें बाल कल्याण समिति, रोशनाबाद, हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति की काउंसलिंग एवं आवश्यक प्रक्रिया के बाद सभी बालकों को आदेशानुसार खुला आश्रय गृह, कनखल में संरक्षण दिलाया गया।
पुलिस टीम ने बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
📢 हरिद्वार पुलिस की अपील
हरिद्वार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बाल सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। गंगा घाटों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों या आसपास यदि कोई गुमशुदा, लावारिस अथवा संकट की स्थिति में बच्चा दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें या AHTU हरिद्वार से संपर्क करें।
रेस्क्यू अभियान में AHTU टीम के हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल बिना गोदियाल, कांस्टेबल दीपक चंद, कांस्टेबल मुकेश कुमार और महिला कांस्टेबल शशिबाला शामिल रहे।
