हरिद्वार, 07 अक्टूबर 2026।,हर्षिता,शहर की सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों पर बेतरतीब ढंग से फैले केबल तारों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर विद्युत पोलों पर बिना अनुमति लगाए गए केबल एवं तारों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी के नेतृत्व में जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम देवपुरा चौक से रानीपुर मोड़ के बीच कार्रवाई कर रही है। टीम द्वारा विद्युत पोलों का निरीक्षण कर अनधिकृत और अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए केबल तारों को चिन्हित कर हटाया जा रहा है।
ऑपरेटरों को पहले दिया गया था समय
प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्व में विभिन्न कंपनियों और केबल ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बिना अनुमति लगाए गए केबल और तार स्वयं हटाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए संबंधित ऑपरेटरों को पर्याप्त समय भी दिया गया था।
लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी कई स्थानों से तार नहीं हटाए गए। इसके बाद प्रशासन ने अब खुद अभियान चलाकर ऐसे केबल हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बेतरतीब तारों से बढ़ रही थी अव्यवस्था
शहर में विद्युत पोलों पर बड़ी संख्या में लगाए गए अनियोजित केबल न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित कर रहे थे, बल्कि कई स्थानों पर पोलों पर अतिरिक्त भार और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति भी पैदा कर रहे थे।
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी कंपनी या सेवा प्रदाता द्वारा केबल अथवा तार लगाने के लिए नियमों के अनुसार आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों और सरकारी संपत्तियों पर अनधिकृत अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति विद्युत पोल या अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर केबल लगाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक देवपुरा चौक से रानीपुर मोड़ के बीच शुरू हुआ यह अभियान आगे अन्य क्षेत्रों में भी आवश्यकता के अनुसार जारी रखा जाएगा।
जिला प्रशासन ने सभी केबल ऑपरेटरों, कंपनियों और सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि वे सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति केबल या तार न लगाएं और पहले से लगे अनधिकृत तारों को तत्काल हटाएं। अतिक्रमण और सार्वजनिक संपत्तियों के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
