हरिद्वार, 11 अक्टूबर 2026। Harshita नवरात्रि पर्व के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच तेज कर दी है। रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चंडीघाट, श्यामपुर, कोंड़ी, गैंडीखाता और लालढंग क्षेत्र में किराना दुकानों एवं रिटेल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुट्टू के आटे के दो नमूने और व्रत में इस्तेमाल होने वाले काला नमक का एक नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में की गई। अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने किया।
लेबलिंग और बिक्री के नियमों में मिली गड़बड़ी
अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन पर संबंधित कारोबारियों और कंपनियों को नोटिस जारी किए गए।
काला नमक निर्माता कंपनी: पैकेट पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं होने पर नोटिस जारी किया गया।
काला नमक सप्लायर: बिक्री बिल से संबंधित प्रावधानों का पालन नहीं करने पर नोटिस दिया गया।
कुट्टू आटा निर्माता कंपनी: उत्पाद के लेबल पर ऐसे हेल्थ क्लेम का इस्तेमाल करने पर नोटिस जारी किया गया, जिससे ग्राहकों के भ्रमित होने की आशंका थी।
खुले में नहीं बिकता मिला कुट्टू का आटा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान पर खुला कुट्टू का आटा बिकता हुआ नहीं मिला। हालांकि, विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि के बिना कुट्टू का आटा या अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थ बेचने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सेहत पर विभाग की नजर
नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे और अन्य व्रत संबंधी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और लेबलिंग की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
