हरिद्वार, हर्षिता। हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को नई पहचान देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। सोमवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इन तीनों माध्यमों के जरिए कुंभ की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की पहल की गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और जनआस्था का विराट उत्सव है। हरिद्वार कुंभ का करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। राज्य सरकार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
लोगो में दिखेगी हरिद्वार की धार्मिक विरासत
कुंभ-2027 का आधिकारिक लोगो हरिद्वार की धार्मिक पहचान और सनातन संस्कृति को दर्शाता है। इसमें मां गंगा, हर की पैड़ी क्षेत्र, धनुष पुल और सूर्योदय की छटा के साथ भगवान शिव की प्रतिमा, साधु-संत, त्रिशूल, डमरू तथा मां मनसा देवी और मां चंडी देवी की पहाड़ियों को स्थान दिया गया है।
मेला प्रशासन ने लोगो डिजाइन करने के लिए राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों से प्रविष्टियां आमंत्रित की थीं। सैकड़ों प्रविष्टियों में से 13 श्रेष्ठ डिजाइनों पर विचार के बाद हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित विकास कॉलोनी निवासी मधु शर्मा के डिजाइन का चयन किया गया। इसी डिजाइन के आधार पर कुंभ का आधिकारिक लोगो तैयार किया गया है।

वेबसाइट पर मिलेगी कुंभ की प्रामाणिक जानकारी
कुंभ मेले की आधिकारिक वेबसाइट https://haridwarkumbh.uk.gov.in का भी लोकार्पण किया गया। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं और आगंतुकों को कुंभ से संबंधित प्रामाणिक जानकारियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। डिजिटल माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु भी आयोजन से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त कर सकेंगे।
‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत से गूंजेगा कुंभ का संदेश
समारोह में कुंभ के आधिकारिक गीत का लोकार्पण भी किया गया। ‘साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया’ पंक्तियों से शुरू होने वाला यह गीत श्रद्धालुओं की आस्था, साधु-संतों के उत्साह और कुंभ के आगमन की खुशी को अभिव्यक्त करता है।
गीत की रचना, गायन और संगीत हरिद्वार निवासी गायक राघव राजा ने तैयार किया है। इसके जरिए कुंभ के प्रति सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने और आयोजन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम

By DTI