हरिद्वार, 7 नवंबर, Harshita.। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में गंगा नहर क्लोजर के दौरान घाटों के निर्माण और मरम्मत का सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। गंगा नहर में सामान्य जलप्रवाह शुरू होने से पहले जलमग्न हिस्सों में किए जाने वाले सभी महत्वपूर्ण निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कर लिए गए हैं। इससे कुंभ की तैयारियों को बड़ी गति मिली है।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर गंगा नहर क्लोजर की अवधि का पूरा लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य युद्धस्तर पर दिन-रात कराए गए। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी भी की गई। इसी का परिणाम रहा कि क्लोजर अवधि समाप्त होने से पहले ही सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए गए।
सवा तीन किलोमीटर में बन रहे 10 नए घाट
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल ने बताया कि कुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में लगभग सवा तीन किलोमीटर की लंबाई में 10 नए घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। इन घाटों का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य 30 नवंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे।
56 पुराने घाटों की जलमग्न हिस्सों की मरम्मत पूरी
उन्होंने बताया कि नए घाटों के निर्माण के साथ अपर गंगा कैनाल के 34 पुराने घाटों और एस्केप चैनल के 22 घाटों के जलमग्न हिस्सों की मरम्मत भी क्लोजर अवधि में पूरी कर ली गई है। इन कार्यों को गंगा नहर में सामान्य जलप्रवाह शुरू होने से पहले पूरा करना तकनीकी रूप से बेहद जरूरी था।
अब सौंदर्यीकरण और फिनिशिंग पर रहेगा जोर
अधिशासी अभियंता ने बताया कि गंगा नहर की बंदी शनिवार रात समाप्त हो रही है। क्लोजर के दौरान किए जाने वाले सभी आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्य समयसीमा में पूरे कर लिए गए हैं। अब जलप्रवाह शुरू होने के बाद घाटों के जलस्तर से ऊपर के शेष निर्माण कार्य, सौंदर्यीकरण और फिनिशिंग का काम तेजी से कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शेष कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा, ताकि कुंभ मेला-2027 के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक घाट उपलब्ध कराए जा सकें।
