हरिद्वार, 27 अगस्त 2025। संजीव मेहता।
राज्य में दवाओं की गुणवत्ता सुधार और GMP नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर औषधि विभाग की सख्ती जारी है। अपर आयुक्त श्री ताजबर सिंह के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम ने आज रुड़की-भगवानपुर क्षेत्र की औषधि निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान Hiral Labs Pvt. Ltd. जैसी WHO-GMP प्रमाणित अग्रणी कंपनी का भी मूल्यांकन किया गया। यह कंपनी रुड़की की पहली ऐसी यूनिट है जहाँ इंजेक्टेबल एंटी-कैंसर दवाओं का निर्माण हो रहा है और निकट भविष्य में इन दवाओं का अंतरराष्ट्रीय निर्यात प्रस्तावित है।
वहीं, कुछ कंपनियाँ ऐसी भी पाई गईं जो लाइसेंस मिलने के बावजूद GMP नियमों की अनदेखी कर रही थीं और निम्न गुणवत्ता की दवाएँ तैयार कर केवल आर्थिक लाभ कमा रही थीं। ऐसे मामलों में विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
🔴 आज के निरीक्षण में भगवानपुर क्षेत्र की दो कंपनियों का उत्पादन कार्य बंद करने की संस्तुति की गई। आदेश दिया गया है कि वे आवश्यक कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर पाएँगी।
विभाग की टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि बहुत जल्द राज्य की सभी दवा कंपनियों में संशोधित GMP नियम लागू होंगे। नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों के विरुद्ध लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी:
श्री सुधीर कुमार, ADC गढ़वाल मंडल
श्रीमती अनीता भारती, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
श्री हरीश सिंह, औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
सुश्री मेघा, औषधि निरीक्षक, हरिद्वार
श्री ऋषभ धामा, औषधि निरीक्षक, टिहरी
सुश्री पूजा रानी, औषधि निरीक्षक, बागेश्वर
सुश्री पूजा जोशी, औषधि निरीक्षक, अल्मोड़ा