देहरादूनहर्षिता: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच अगले दो दिन के रेड अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने 19 और 20 जुलाई को बारिश को लेकर कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है.
भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेशभर में कुल 58 सड़कें बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग (BRO), एक राज्य राजमार्ग, 25 पीडब्ल्यूडी सड़कें और 31 पीएमजीएसवाई व ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. सबसे अधिक 18 सड़कें पिथौरागढ़ जिले में बंद हैं, जबकि पौड़ी में 11, बागेश्वर में 10 और देहरादून में 8 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं.
प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर दुर्घटनाएं भी सामने आई हैं. देहरादून जिले में विकासनगर क्षेत्र में डाकपत्थर के पास यमुना नदी में डूबे युवक का शव बरामद किया गया है. वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में एसएस के पास गंगा में बह गए 12 वर्षीय बालक का शव भी जल पुलिस ने बरामद कर लिया.
इसके अलावा उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में डंपर के मलबे में गिरने से वाहन चालक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है.कई जिलों में ग्रामीण संपर्क मार्ग मलबा आने से बाधित हैं और उन्हें खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है.
उत्तराखंड में अगले दो दिन बारिश का रेड अलर्ट: इस बीच भारत मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 19 और 20 जुलाई के लिए चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई को नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है. देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
वहीं 20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. इन जिलों में तेज गर्जन, आकाशीय बिजली और अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर भी पड़ सकते हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने, नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी, फ्लैश फ्लड और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. साथ ही बिजली, पानी जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान दृश्यता कम होने और सड़कें फिसलन भरी होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है.
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) व डीआईजी राजकुमार नेगी ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां सड़कें बंद हुई हैं, वहां उन्हें जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनें और टीमें तैनात की गई हैं.
उन्होंने लोगों से अपील की कि रेड अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और जिला प्रशासन व मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 1070 अथवा स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें.
