दिव्या टाइम्स इंडिया।बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड अंतर्गत विरनौधा गांव में एक अनोखी प्रेम कहानी ने पूरे इलाके को चौंका दिया है। यहां गांव के युवक शिवम कुमार (पिता– सिंटू मंडल) के घर वह नज़ारा देखने को मिला, जो आमतौर पर फिल्मों या कहानियों में ही सुनने को मिलता है।
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड स्थित इंग्लिश खानपुर गांव की रहने वाली रानी कुमारी ने सामाजिक परंपराओं से हटकर खुद बरात लेकर अपने प्रेमी शिवम के घर पहुंचकर विवाह रचाया। इतना ही नहीं, दुल्हन बनी रानी ने अपने ही पिया के हाथों में मेहंदी रचाकर इस प्रेम कहानी को और भी खास बना दिया।
भागलपुर–बांका(बिहार) से जुड़ा है मामला
यह मामला दो जिलों से जुड़ा हुआ है। जहां दूल्हा शिवम कुमार बांका जिले के शंभुगंज का रहने वाला है, वहीं दुल्हन रानी कुमारी भागलपुर जिले के सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) क्षेत्र की निवासी है। इस वजह से यह शादी दोनों जिलों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रेम की जीत: परिवार की असहमति बनी बाधा
शिवम और रानी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति न मिलने के कारण उनका रिश्ता कई बार अटकता और टूटता रहा। पारिवारिक मतभेदों के चलते दोनों पक्षों में तनाव भी उत्पन्न हो गया।
जब तमाम प्रयासों के बाद भी परिवारों की रज़ामंदी नहीं मिली, तो रानी कुमारी ने साहसिक कदम उठाते हुए खुद बरात लेकर विरनौधा गांव पहुंचने का फैसला किया।
गांव ने निभाई अहम भूमिका, घर पर हुई विधिवत शादी
रानी के इस फैसले से गांव में हलचल मच गई। मामले को बिगड़ने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई। दोनों परिवारों को बैठाकर बातचीत कराई गई और आपसी सहमति से विवाह कराने का निर्णय लिया गया।
शिवम कुमार के घर पर ही, गांव के बुजुर्गों, परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार विधिवत विवाह संपन्न हुआ। इस मौके पर शिवम कुमार के चचेरे भाई एवं पंचायत समिति सदस्य बिट्टू भारती भी मौजूद रहे।
शादी के बाद छाई खुशियां, फूलों से हुआ स्वागत 🌸
शादी संपन्न होने के बाद गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने नवविवाहित जोड़े पर पुष्पवर्षा कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। विवाह के बाद दोनों परिवारों ने भी राहत की सांस ली।
सामाजिक संदेश बनी यह अनोखी शादी
ग्रामीणों का कहना है कि यह शादी प्रेम, समझदारी और सामूहिक पहल की जीत है। कुछ लोग इसे सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने वाला कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे परिवार और समाज के बीच संतुलन की मिसाल मान रहे हैं।
नवविवाहित जोड़ा अब अपने नए जीवन की शुरुआत कर चुका है और यह अनोखी प्रेम विवाह आसपास के गांवों में भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

By DTI