देहरादून:, हर्षिता।उत्तराखंड के जंगलों पर एक बार फिर खतरनाक कीट का हमला सामने आया है। ‘साल बोरर’ नाम का यह कीट हजारों पेड़ों को अंदर से खोखला कर रहा है, जिससे बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने की नौबत आ गई है।
⚠️ 19 हजार से ज्यादा पेड़ प्रभावित
वन विभाग के अनुसार देहरादून वन प्रभाग की थानो, आशारोड़ी और झाझरा रेंज में करीब 19,170 साल के पेड़ इस कीट से प्रभावित पाए गए हैं। कई पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं।
🐛 कैसे करता है नुकसान?
यह कीट पेड़ों की जड़ों में घुसकर तने के अंदर सुरंग बना लेता है और जाइलम ऊतक को नुकसान पहुंचाता है।
👉 इससे पेड़ को पानी और पोषण नहीं मिल पाता
👉 धीरे-धीरे पेड़ अंदर से खोखला होकर सूख जाता है
🌳 क्या करना पड़ रहा है?
स्थिति गंभीर होने पर वन विभाग को
👉 सूखे पेड़ों को काटना पड़ रहा है
👉 ताकि संक्रमण आगे न फैले
🛠️ क्या है ‘ट्री ट्रैप’ ऑपरेशन?
इस समस्या से निपटने के लिए वन विभाग
👉 ‘ट्री ट्रैप’ तकनीक का इस्तेमाल करेगा
इसमें:
कुछ पेड़ों के लठ्ठे बनाकर पानी में रखे जाते हैं
उनकी गंध से कीट आकर्षित होते हैं
फिर उन्हें पकड़कर नष्ट किया जाता है
⏳ 36 साल बाद फिर हमला
बताया जा रहा है कि इस तरह का हमला
👉 करीब 36 साल बाद फिर देखने को मिला है
विशेषज्ञों के अनुसार
👉 जलवायु परिवर्तन इसका बड़ा कारण हो सकता है

By DTI