देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित होकर सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आज स्कूटी पर चलाते नजर आए, लेकिन उसकी ये कोशिश जल्द ही सोशल मीडिया में ट्रोल हो गई. जब मामले ने तूल पकड़ा तो वहीं मंत्री को सफाई देनी पड़ी. साथ ही तमाम सवालों के जवाब भी दिए.
स्कूटी से कैंप कार्यालय पहुंचे गणेश जोशी: दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक स्तर पर उत्पन्न अस्थिर परिस्थितियों के बीच उत्तराखंड के कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार यानी 11 मई को ईंधन संरक्षण व सादगी का संदेश देते हुए अनूठी पहल की. गढ़ी कैंट क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंत्री गणेश जोशी अपने शासकीय वाहन का इस्तेमाल करने के बजाय स्कूटी से कैंप कार्यालय पहुंचे.


मंत्री की इस पहल को आमजन के बीच पेट्रोल-डीजल की बचत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल का संदेश देने के रूप में देखा गया. उनका कहना था कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया कई प्रकार की चुनौतियों से गुजर रही है. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर सीधे तौर पर ऊर्जा संसाधनों व ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है.
ऐसे समय में हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वो ईंधन का अनावश्यक इस्तेमाल करने से बचें और जरूरत के अनुसार ही संसाधनों का इस्तेमाल करें. कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण, आत्मनिर्भरता और संसाधनों के संतुलित इस्तेमाल का आह्वान करते रहे हैं.
निजी चार पहिया वाहनों का कम करें इस्तेमाल: इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने खुद दोपहिया वाहन का इस्तेमाल कर जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि छोटी दूरी के लिए यदि लोग निजी चार पहिया वाहनों के बजाय दोपहिया वाहन, सार्वजनिक परिवहन या साझा वाहन का इस्तेमाल करें, तो इससे न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी.
बल्कि, ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या में भी राहत मिलेगी. साथ ही कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी बन चुकी है. गणेश जोशी ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक छोटे-छोटे प्रयास करें तो उसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है.
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्थानीय कार्यक्रमों, कार्यालय आने-जाने और कम दूरी की यात्राओं के लिए ज्यादा से ज्यादा वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें. इससे आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. उन्होंने ये भी कहा कि वो खुद आगे भी स्थानीय दौरों और निकट दूरी के कार्यक्रमों में यथासंभव दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करेंगे. ताकि, आमजन के बीच सादगी और ईंधन बचत का व्यवहारिक संदेश पहुंच सके.
स्कूटी पर सवार मंत्री गणेश जोशी हुए ट्रोल, लेकिन बाद में की स्थिति स्पष्ट: इधर, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी स्कूटी पर सवार होकर ईंधन बचाने का संदेश दे ही रहे थी, तो दूसरी तरफ जिस स्कूटी पर मंत्री जी सवार थे, उसका इंश्योरेंस ही वैलिड नहीं था. जिस पर मंत्री जोशी सोशल मीडिया पर यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले पर ट्रोल होने लगे.
इतना ही नहीं मंत्री गणेश जोशी के आगे पीछे चल रही अन्य गाड़ियों पर भी सवाल खड़े हुए कि मंत्री जी स्कूटी पर चल कर ईंधन की बचत की बात कहते हुए फोटो खिंचवा रहे और रील बनवा रहे हैं, लेकिन उनकी फ्लीट की चार गाड़ियां और उन्हें फिल्माने के लिए जो गाड़ियां चल रही है, क्या वहां ईंधन बचत खर्च नहीं हो रही है? ईटीवी भारत ने मंत्री जोशी से पूछा कि आप अच्छा करने गए, लेकिन ट्रोल क्यों हो गए?
“आज मैंने अपने ओसडी की स्कूटी उसी समय चलाने के लिए ली थी. जहां तक बात इंश्योरेंस की है तो उसका इंश्योरेंस रिन्यू की प्रक्रिया में था. अभी उसका इंश्योरेंस रिन्यू हो चुका है. फ्लीट की बात जहां तक है, आज मैंने एक सिंबॉलिक संदेश देने का काम किया है.“- गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री
“जल्द ही मेरी स्कूटी भी आ जाएगी. फिर आस पास में स्कूटी से ही चला करूंगा, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि हर जगह स्कूटी से जाऊंगा. बाहर दूर कहीं जाना पड़ा तो कार इस्तेमाल करनी पड़ेगी. मेरा उद्देश्य है कि गाड़ियों का कम से कम इस्तेमाल हो. फ्लीट में भी गाड़ियों की संख्या कम करेंगे.“- गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री
