देहरादून/विकासनगर। हर्षिता । उत्तराखंड के देहरादून जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। विकासनगर के सेलाकुई क्षेत्र में एक विवाहिता के साथ कथित तौर पर ऐसी क्रूरता की गई, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह जाए। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने महिला को करीब 10 महीने तक कमरे और शौचालय में कैद करके रखा और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
पीड़िता के पिता की शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी को पति, सास और ससुर ने लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसे न केवल मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई, बल्कि बेरहमी से मारपीट भी की जाती रही। आरोप है कि अत्याचार की इंतहा तब हो गई जब महिला के सिर के बाल तक खींच-खींचकर उखाड़ दिए गए, जिससे उसके सिर का एक हिस्सा खाली हो गया।
परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। लंबे समय तक मायके वालों को इस दर्दनाक स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। जैसे ही उन्हें पूरे मामले का पता चला, उन्होंने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
शिकायत के आधार पर सेलाकुई थाना पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला रिश्तों के नाम पर की गई क्रूरता का एक भयावह उदाहरण बन सकता है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपों की सत्यता न्यायिक प्रक्रिया के तहत तय होगी।
