मसूरी/ऋषिकेश, हर्षिता।: पानी वाले मोड़ पर हुए भूस्खलन के बाद भले ही मसूरी-देहरादून मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया हो, लेकिन इस पूरी घटना ने पहाड़ों में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. सड़क खुलने के बाद राहत की सांस लेने की उम्मीद कर रहे लोगों को घंटों लंबे जाम ने परेशान कर दिया. कई वाहन चालक डेढ़ से दो घंटे तक सड़क पर फंसे रहे, जबकि कुछ स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया.

रविवार को भारी बारिश के बाद पानी वाले मोड़ पर सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया था. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को मसूरी-देहरादून मार्ग पूरी तरह बंद करना पड़ा. लोक निर्माण विभाग ने दिन-रात मशक्कत कर मलबा हटाया. सोमवार को छोटे वाहनों के लिए मार्ग बहाल किया, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है.

जाम ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किलें: सड़क खुलने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में वाहन मार्ग पर पहुंच गए. संकरी सड़क और एकतरफा यातायात के कारण लंबा जाम लग गया. कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और स्थानीय समूहों में जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे डेढ़ घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहे. लोगों का कहना है कि कुछ वाहन चालकों द्वारा दो और तीन लाइनें बनाकर आगे निकलने की कोशिश ने हालात और खराब कर दिए.

By DTI