हरिद्वार हर्षिता।उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। विशेष रूप से मोबाइल पर बात करना, मैसेज पढ़ना, वीडियो देखना या गर्दन और कंधे के बीच मोबाइल दबाकर वाहन चलाना लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
आजकल सड़कों पर बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक चलते वाहन में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देते हैं। कई लोग एक हाथ से वाहन चलाते हैं और दूसरे हाथ में मोबाइल पकड़े रहते हैं, जबकि कुछ लोग मोबाइल को गर्दन और कंधे के बीच दबाकर लंबी बातचीत करते रहते हैं। ऐसी स्थिति में चालक का पूरा ध्यान सड़क से हट जाता है और कुछ सेकंड की लापरवाही भी दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने से चालक की एकाग्रता कम हो जाती है। अचानक सामने आने वाले वाहन, पैदल यात्री, मोड़, स्पीड ब्रेकर या ब्रेक लगाने जैसी परिस्थितियों में चालक समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाता। यही कारण है कि मोबाइल फोन का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। कई गंभीर हादसों में यह देखा गया है कि चालक का ध्यान कुछ क्षण के लिए मोबाइल पर गया और देखते ही देखते दुर्घटना हो गई।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह लापरवाही और भी अधिक खतरनाक है। मोबाइल पर बात करते समय संतुलन बिगड़ने, अचानक ब्रेक लगाने या किसी वाहन से टकराने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं चारपहिया वाहन चालक भी मोबाइल के कारण सामने चल रहे वाहनों, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क की स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दे पाते, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
उत्तराखंड पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी कर रही है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वयं, परिवार और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहयोग दें।
उत्तराखंड पुलिस की अपील
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल न करें।
यदि कॉल करना आवश्यक हो तो पहले सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकें।
दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
तेज गति, मोबाइल फोन और लापरवाही से बचें।
शराब या नशे की हालत में कभी वाहन न चलाएं।
यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
सड़क सुरक्षा का संदेश
“मोबाइल पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही आपकी और किसी दूसरे की पूरी जिंदगी बदल सकती है। एक कॉल बाद में भी हो सकती है, लेकिन एक हादसा जिंदगी भर का दर्द दे सकता है। सावधान रहें, सुरक्षित रहें—आपका परिवार आपका इंतजार कर रहा है।”
