हरिद्वार | हर्षिता। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की 75वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध ने की, जिसमें गंगा संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, घाटों की स्वच्छता, सीवेज प्रबंधन और लंबित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा संरक्षण से जुड़े सभी कार्य आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंगा में कूड़ा डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएफओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंगा में कूड़ा-कचरा, ठोस अपशिष्ट या अन्य गंदगी न जाने पाए। घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए तथा गंगा को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
घाटों पर अतिक्रमण रोकने और एसटीपी की निगरानी के निर्देश
बैठक में गंगा घाटों पर अतिक्रमण रोकने, नियमित निरीक्षण करने और जहां भी अतिक्रमण मिले वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हों तथा बिना उपचारित सीवेज किसी भी हालत में गंगा में न छोड़ा जाए। संबंधित विभागों को एसटीपी की नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी खामियों के तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए गए।
जनसहभागिता बढ़ाने पर भी जोर
डीएफओ ने गंगा संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध कार्य, जनजागरूकता अभियान और जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक का संचालन जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य ने किया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, डीपीआरओ मोहम्मद मुस्तफा खान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित जिला गंगा संरक्षण समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
