देहरादून, 26 सितंबर 2026। Harshita.उत्तराखंड की सियासत में 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से बाहर निकले रावत ने पत्रकारों से बातचीत में अपने अंदाज में कहा कि “छह घंटे तक बहुत प्यार भरी बातें हुईं।”
ईडी ने रावत को इस मामले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। इससे पहले 10 सितंबर को ईडी ने देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई थी।
पूछे गए सवालों का दिया जवाब
करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद हरीश रावत ने कहा कि ईडी अधिकारियों ने उनसे जो सवाल पूछे, उन्होंने उनका जवाब दिया। हालांकि, उन्होंने पूछताछ की कार्रवाई को राजनीतिक प्रपंच बताते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य है। ये रावत के अपने आरोप हैं; ईडी की जांच अभी जारी है।
इससे पहले भी रावत ईडी की कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। 12 सितंबर को उन्होंने कहा था कि उनके किसी सहयोगी से जुड़ी कार्रवाई के कारण कांग्रेस के भ्रष्टाचार-विरोधी संघर्ष पर असर नहीं पड़ना चाहिए और इसी वजह से उन्होंने अपने संगठनात्मक पदों से हटने की इच्छा जताई थी।
कांग्रेस नेताओं ने भी उठाए सवाल
हरीश रावत से पूछताछ के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ईडी कार्यालय के बाहर मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई के समय और मामले को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इसी भर्ती मामले और ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। दोनों पक्षों के ये राजनीतिक दावे हैं।
क्या है 2016 का VPDO भर्ती मामला?
मामला वर्ष 2016 में हुई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी के अनुसार उसकी जांच में आरोप है कि OMR उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित अभिरक्षा से हटाया गया और उनमें कथित तौर पर हेरफेर की गई।
ईडी ने 10 सितंबर की तलाशी के दौरान हरीश रावत के पूर्व OSD और बाद में निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना के परिसर से नकदी, सोने के आभूषण/सिक्के और महंगी घड़ियां बरामद होने की जानकारी दी थी। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार ईडी ने लगभग ₹1.28 करोड़ की संपत्तियों की जब्ती की बात कही थी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है।
फिलहाल छह घंटे की पूछताछ के बाद हरीश रावत के बयान ने मामले को लेकर उत्तराखंड की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है, जबकि जांच में आगे क्या सामने आता है, यह ईडी की कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
