लाइपोमायेलोमेनिंगोसेल जैसी दुर्लभ बीमारी की सफल सर्जरी, 4–5 घंटे चली जटिल प्रक्रिया
देहरादून।हर्षिता राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के न्यूरोसर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सकों की टीम ने 9 महीने के मासूम बच्चे की दुर्लभ और जटिल बीमारी ‘लाइपोमायेलोमेनिंगोसेल’ की सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया है।
बच्चे के इलाज के लिए परिवार लंबे समय से परेशान था। परिजन कई बड़े अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन सर्जरी में जोखिम अधिक होने के कारण कहीं उपचार नहीं हो सका। इसके बाद स्थानीय पार्षद के माध्यम से परिवार दून मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने चुनौती स्वीकार करते हुए बच्चे का उपचार शुरू किया। खास बात यह रही कि बच्चे का पूरा इलाज निःशुल्क किया गया।
रीढ़ की नस से जुड़ी थी जटिल समस्या
चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे की रीढ़ की नस के आसपास असामान्य रूप से फैट जमा था और नस हड्डी से चिपकी हुई थी। ऐसी स्थिति में सर्जरी के दौरान नस को नुकसान पहुंचने का गंभीर खतरा रहता है।
न्यूरोसर्जरी टीम ने करीब 4 से 5 घंटे तक चली जटिल सर्जरी के दौरान बेहद सावधानी से नस को हड्डी से अलग किया और सुरक्षित रखा। सफल ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत अब पूरी तरह सामान्य है और उसके दोनों पैर भी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया और नर्सिंग टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
न्यूरोसर्जरी टीम:
प्रो. डॉ. डी.पी. तिवारी
डॉ. अमित कुमार
एनेस्थीसिया टीम:
डॉ. दीपिका
डॉ. साक्षी
नर्सिंग अधिकारी:
श्री प्रीतम
श्री जीवन
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन ने सफल सर्जरी के लिए पूरी टीम को बधाई दी और चिकित्सकों के समर्पण एवं कार्यकुशलता की सराहना की।
दून मेडिकल कॉलेज की यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है, बल्कि ऐसे गंभीर मामलों से जूझ रहे मरीजों के लिए भी बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है।
