हरिद्वार हर्षिता। उत्तराखंड समेत हरिद्वार की राजनीति को बड़ी बारीकी से समझने वाले राजनीतिक जानकारों का कहना है इस बार हरिद्वार में आरक्षण की सूची ने चुनावी गर्मी को बहुत हल्का कर दिया है. दोनों ही पार्टियों को अभी तक ऐसी कोई भी ओबीसी महिला उम्मीदवार नहीं मिली है जिस पर भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेता यह कह सके कि हां हम उनके साथ काम कर चुके हैं या काम करेंगे. एक या दो उम्मीदवार के नाम अगर छोड़ दें तो कोई भी सक्रिय राजनीति में अब तक नहीं है. जिस तरह से एक हफ्ते पहले तक कांग्रेस-बीजेपी के तमाम बड़े दिग्गज चुनावी तैयारी कर रहे थे. मेयर की कुर्सी के सपने लेने वाले उन सभी के अरमानों पर तो पानी फिरा ही. साथ ही पार्षद का चुनाव लड़ने वाले नेताओं के मोरल को बहुत हल्का कर दिया है.
इन उम्मीदवारों पर खेला जा सकता है दांव:सुनील दत्त पांडे का कहना है कि भाजपा से जहां वार्ड नंबर 32 से पूर्व सभासद राजकुमारी और पूर्व सभासद किरण जैसल और आशु चौधरी की पत्नी डोली चौधरी मजबूत उम्मीदवार हैं तो वहीं कांग्रेस से मनोज सैनी की पत्नी शालिनी सैनी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार की पत्नी बबीता कुमारी और कांग्रेस नेता वरुण वालियां की मां अमरेश देवी के नाम में कुछ दम दिखाई देता है. बता दें की हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में SC आबादी लगभग 14 प्रतिशत जबकि ST 1 प्रतिशत और OBC 20.90 प्रतिशत है. वहीं सामान्य की आबादी 65.33 प्रतिशत है. हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में प्रमुख धार्मिक स्थल हरकीपैड़ी, मनसा देवी, चंडी देवी है. सफाई व्यवस्था भी यहां एक बड़ा मुद्दा है.