रुड़की, 28 जून 2025। हर्षिता।
गंगनहर थाना क्षेत्र के रामनगर में शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई में ड्रग विभाग और एसटीएफ की टीम ने अवैध रूप से बन रही मिथ्या छाप (फर्जी) दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा। गुप्त सूचना के आधार पर वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती, औषधि निरीक्षक अमित आज़ाद और एसटीएफ देहरादून की संयुक्त टीम ने चार ठिकानों पर छापेमारी कर 300 किलो कच्चा माल और 16,200 टैबलेट्स बरामद कीं।
मौके से तीन आरोपियों — लोकेश गुलाटी, नरेश धीमान (दोनों निवासी रुड़की) और मोहतरम अली (निवासी देवबंद, उत्तर प्रदेश) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये गिरोह लंबे समय से उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में नकली दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
हालांकि, मौके पर दवाओं का निर्माण होता हुआ नहीं मिला। जांच में पता चला कि तैयार दवाइयां देवबंद (उत्तर प्रदेश) से तैयार होकर उत्तराखंड में सप्लाई की जाती थीं। इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों तक फैले होने की भी आशंका जताई गई है।
फर्जी दवाओं की पुष्टि के लिए संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद दवाएं मिथ्या प्रतीत हुईं, जिनके सैंपल लैब भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी
लोकेश गुलाटी पुत्र श्री खेम चंद, निवासी रुड़की, हरिद्वार
नरेश धीमान, निवासी रुड़की
मोहतरम अली, निवासी देवबंद, उत्तर प्रदेश
छापेमारी में शामिल टीमें
✅ ड्रग विभाग
अनीता भारती, वरिष्ठ ड्रग्स इंस्पेक्टर, हरिद्वार
अमित कुमार आज़ाद, ड्रग्स इंस्पेक्टर, रुद्रप्रयाग
✅ एसटीएफ टीम
सब-इंस्पेक्टर नैरोत्तम बिष्ट एवं टीम
✅ कोतवाली गंगनहर, रुड़की
सब-इंस्पेक्टर मनीष कवि एवं टीम
💊 यह कार्रवाई प्रदेश में नकली दवाओं के गोरखधंधे पर करारा प्रहार मानी जा रही है। रिपोर्ट आने पर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की बात कही गई है।