देहरादून हर्षिता। सिर्फ 10 मिनट में डिलीवरी का दावा करने वाले क्विक कॉमर्स ऐप्स अब सरकार के रडार पर हैं। तेज डिलीवरी के चक्कर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और डिलीवरी एजेंट्स के नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने ब्लिंकिट, जेप्टो, जोमैटो और स्विगी जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को ऐसे सभी विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए हैं, जो बेहद कम समय में डिलीवरी का दावा करते हैं।
🏛️ सरकार–कंपनियों के बीच बनी सहमति
केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने क्विक कॉमर्स सेक्टर की कंपनियों से सीधी बातचीत की।
👉 ब्लिंकिट ने सरकार को भरोसा दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म से ऐसे सभी विज्ञापन हटा देगा।
👉 उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य प्लेटफॉर्म्स भी इसी राह पर चलेंगे।
इस पूरे मामले पर केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने खुद कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से चर्चा की।
🧑‍🔧 “बोर्डरूम नहीं, ज़मीनी हकीकत देखी”
मांडविया ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट की ड्रेस में नजर आए।
पीठ पर डिलीवरी बैग और सिर पर कैप — उन्होंने खुद गिग वर्कर्स का दिन जिया।
कैप्शन में लिखा:
“बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर, मैंने उनका दिन जिया।”
उन्होंने कहा कि वे सिर्फ नीतियों पर बहस नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी की चुनौतियां समझना चाहते हैं।
🏛️ संसद में भी उठा मुद्दा
यह मामला संसद तक भी पहुंच चुका है।
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने शीतकालीन सत्र में सवाल उठाते हुए कहा था कि
“सुविधा से आगे देखकर तेज डिलीवरी की मानवीय कीमत पर विचार करना होगा।”
🔐 गिग वर्कर्स के लिए नए नियम
सरकार और कंपनियों की बातचीत के बाद गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है।
✔️ रजिस्ट्रेशन की मुख्य शर्तें
आधार कार्ड जरूरी
👉 न्यूनतम उम्र 16 साल
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)
👉 डेटा शेयर होने के बाद मिलेगा
डिजिटल आईडी कार्ड
👉 फोटो और पूरी जानकारी के साथ
जानकारी अपडेट जरूरी
👉 मोबाइल नंबर, पता या स्किल बदलने पर अपडेट नहीं किया तो लाभ रुक सकता है
🎯 मकसद साफ
सरकार का साफ कहना है —
तेज डिलीवरी नहीं, सुरक्षित डिलीवरी जरूरी है।
गिग वर्कर्स की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कामकाजी हालात सरकार की प्राथमिकता हैं।

By DTI