हरिद्वार, 03 फरवरी 2026: हर्षिता। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा संचालित ई-रिक्शा चालकों के सत्यापन अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को इसे और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-रिक्शा चालकों को अभियान के उद्देश्य से अवगत कराते हुए यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल सत्यापित चालक और सत्यापित ई-रिक्शा ही सड़कों पर संचालित हों, ताकि अवैध और अनियंत्रित संचालन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही परिवहन विभाग को चेतावनी दी कि बिना सत्यापन किसी भी ई-रिक्शा का संचालन न होने दिया जाए।
जिलाधिकारी ने स्वयं सत्यापित ई-रिक्शाओं पर रूट-वाइज रंग-कोडित क्यूआर स्टिकर चस्पा किए। यह स्टिकर पुलिस द्वारा चालक/मालिक सत्यापन और आरआई द्वारा वाहन सत्यापन के बाद ही जारी किए जा रहे हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित ई-रिक्शा का पूरा सत्यापन विवरण सामने आता है। यह अभियान जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा स्वीकृत एसओपी के तहत संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन में पारदर्शिता, अनुशासन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने इस पहल को जनहित और सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अभियान को निरंतर गति देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यालय परिसर में मौजूद ई-रिक्शा चालकों से संवाद कर अभियान के बारे में फीडबैक भी लिया।
निरीक्षण के दौरान एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा, एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा सहित विभाग के सभी कार्मिक उपस्थित रहे।


