देहरादून/ऋषिकेश , हर्षिता।वन विभाग भूमि सर्वे को लेकर ऋषिकेश पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं में रहा है. ऐसे में एक नए मुद्दे को लेकर ऋषिकेश फिर सुर्खियां में आ रहा है. दरअसल, ऋषिकेश के बापूनगर और मीरा नगर क्षेत्र को लेकर उठ रहे विरोध का मुद्दा आज संसद में गूंजा. उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संसद में शून्यकाल के दौरान स्थानीय लोगों के वैधानिक अधिकार और विकास की चिंताओं की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान आकृषित करने की कोशिश की.

4 फरवरी बुधवार को राज्यसभा के शून्यकाल में सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरा नगर क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय उठाया गया. जिसमें उन्होंने सरकार के संज्ञान में लाते हुए कहा,

यह दोनों क्षेत्र पिछले कई दशकों से घनी आबादी वाले हैं. 1950 से यहां लोग निवास कर रहे हैं. जिनकी 1980 में ही जनसंख्या 50 हजार पाई गई थी. आज वहां हजारों परिवार निवास करते हैं, जो नियमित रूप से नगर निगम को करोड़ों रुपए कर भुगतान भी करते हैं. परंतु आज तक इन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है.

राजस्व ग्राम घोषित न होने के कारण इन क्षेत्रों के नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जैसे भूमि स्वामित्व से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं. इसी तरह, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा है.
-महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद-

वहीं इस तकनीकी दिक्कत के कारण वहां विकास कार्यों में अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं. उनके द्वारा सदन में बताया गया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा इस विषय पर बार-बार अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

सांसद भट्ट द्वारा इस दौरान केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वे उत्तराखंड सरकार से समन्वय कर ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरा नगर क्षेत्र को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करें. ताकि वहां के निवासियों को उनके वैधानिक अधिकार एवं सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके.

By DTI