देहरादून: हर्षिता ।वैसे तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देहरादून में विशेष तौर पर भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनने आई थी, लेकिन इस दौरान उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ड्रीम प्रोजेक्ट न सिर्फ देहरादून बल्कि उत्तराखंड को भी नई पहचान देगा.

दरअसल, देहरादून जल्द ही एक ऐसी सौगात पाने जा रहा है, जो न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाएगी बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करेगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे राष्ट्रपति उद्यान का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर महीने तक यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हालिया उत्तराखंड दौरा मुख्य रूप से भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड को लेकर चर्चा में रहा. देशभर की निगाहें आईएमए में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह पर टिकी थीं, लेकिन इसी दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने देहरादून में राष्ट्रपति उद्यान का निरीक्षण कर इस परियोजना के प्रति अपनी विशेष रुचि और गंभीरता भी जाहिर की. हालांकि देहरादून में खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण राष्ट्रपति पार्क परिसर में अधिक समय नहीं बिता सकीं, लेकिन उन्होंने वहां चल रहे विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी ली.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अधिकारियों से प्रोजेक्ट की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा को लेकर भी फीडबैक लिया गया. यह इस बात का संकेत है कि राष्ट्रपति खुद इस परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. राष्ट्रपति उद्यान को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

अब तक हुए निर्माण कार्य और मौजूदा प्रगति को देखते हुए प्रशासन को उम्मीद है कि नवंबर तक यह पूरा परिसर आम लोगों के लिए तैयार हो जाएगा. यदि ऐसा होता है तो देहरादून और उत्तराखंडवासियों को इस वर्ष के अंत तक एक बड़ी सौगात मिल जाएगी.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जून 2025 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था. शिलान्यास के बाद से ही परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है. विभिन्न चरणों में निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं और संबंधित एजेंसियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित करने की जिम्मेदारी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी को दी गई है.

By DTI