हरिद्वार, 16 जुलाई। उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला-2026 के अवसर पर हरिद्वार में वन विभाग द्वारा नगर वन देवपुर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष का पौधारोपण कर शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
सतपाल महाराज ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, कृतज्ञता और संरक्षण के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष, नदियां, पर्वत और वन सदैव पूजनीय रहे हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव जीवन भी सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध रहेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में हरेला जैसे अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, हिमालय, घने वन, पवित्र नदियां और समृद्ध जैव विविधता राज्य की पहचान होने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय लोगों की आजीविका का भी प्रमुख आधार हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से देश-विदेश के श्रद्धालुओं व पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है। इसलिए इसे स्वच्छ, हरित और सुंदर बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
हरेला पर 30 हजार पौधारोपण का लक्ष्य
हरित हरिद्वार अभियान के तहत हरेला पर्व पर पूरे जनपद में 30 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और हरियाली बढ़ाने का सामूहिक संदेश दिया गया।
