हरिद्वार, 27 अगस्त 2026, हर्षिता। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत हरिद्वार जनपद की महिला स्वयं सहायता समूहों ने रक्षाबंधन के अवसर पर हस्तनिर्मित राखियों की बिक्री से अब तक ₹7 लाख 15 हजार की आय अर्जित की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)/रीप के अंतर्गत जनपद में 36 स्थानों पर राखी बिक्री स्टॉल लगाए गए हैं। ये स्टॉल 21 से 30 अगस्त 2026 तक संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक स्टॉल पर प्रतिदिन औसतन करीब ₹4 हजार की बिक्री हो रही है।
महिला समूहों द्वारा तैयार की गईं आकर्षक हस्तनिर्मित राखियों को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ रही है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं लगातार ‘लखपति दीदी’ बनने की ओर आगे बढ़ रही हैं।
जिला एवं विकासखंड स्तर की एनआरएलएम टीम द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, विपणन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे प्रयास ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूत करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
