हल्द्वानी। कांग्रेस की हल्द्वानी रामलीला मैदान में आठ अगस्त को हुई शंखनाद रैली के बाद परिसर के शुद्धीकरण को लेकर उपजा विवाद थम नहीं रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर इस मुद्दे को फिर से उठाया।

भाजपा से कोई लेना-देना नहीं

गौलापार में खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जिन्होंने रामलीला मैदान में शुद्धीकरण किया था, उनका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। वे बीजेपी के पदाधिकारी नहीं हैं। प्रदेश में सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से काम हो रहा है।

सीएम धामी ने कहा हर कोई जानता है कि यह शुद्धीकरण कांग्रेस या मल्लिकार्जुन खरगे के विरोध में नहीं था। उत्तराखंड में तो कोई कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की जाति तक नहीं जानता है। प्रदेश में कौन इस बात को स्वीकार करेगा कि यहां पर जातिगत भेदभाव होता है। खरगे की सभा के दौरान रामलीला मैदान पर एक धर्म विशेष के लोगों ने धार्मिक उन्माद के नारे लगाए थे, जबकि वह धार्मिक स्थान है। वहां पर रामलीला का मंचन होता है। इसके विरोध में धार्मिक संगठनों ने शुद्धीकरण का कार्यक्रम किया था।

सीएम धामी ने कहा हर कोई जानता है कि यह शुद्धीकरण कांग्रेस या मल्लिकार्जुन खरगे के विरोध में नहीं था। उत्तराखंड में तो कोई कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की जाति तक नहीं जानता है। प्रदेश में कौन इस बात को स्वीकार करेगा कि यहां पर जातिगत भेदभाव होता है। खरगे की सभा के दौरान रामलीला मैदान पर एक धर्म विशेष के लोगों ने धार्मिक उन्माद के नारे लगाए थे, जबकि वह धार्मिक स्थान है। वहां पर रामलीला का मंचन होता है। इसके विरोध में धार्मिक संगठनों ने शुद्धीकरण का कार्यक्रम किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सीताराम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया था, उन्हें किस तरह कार्यालय से बाहर किया गया था। जगजीवन राम के साथ कैसा आचरण किया गया और बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर को किस तरह कांग्रेस ने भारत रत्न से वंचित रखा, यह सब जानते हैं। कांग्रेस हमेशा से तुष्टीकरण की राजनीति करती आई है। अब वह वोटों के लिए माहौल बनाना चाह रही है।

भड़काऊ भाषण देने वाले मौलाना के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई

रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर मदरसों को बंद करने को लेकर भड़काऊ भाषण देने वाले मौलाना मुफ्ती मुजीब प्रकरण पर सीएम धामी ने कहा कि मौलाना के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। कानून अपना काम करेगा। किसी मौलाना के कहने से राज्य की व्यवस्था नहीं चलेगी।

कोई मौलाना या मौलवी धमकाने वाला बयान देंगे तो यह धमकी में आने वाला उत्तराखंड नहीं है। ऐसा कांग्रेस पार्टी की सरकार में होता था, लेकिन अब भाजपा की सरकार है। यह देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाकर रखने, डेमोग्राफी को बचाने और देवत्व को समाप्त होने से रोकने वाली सरकार है।

By DTI