देहरादून, हर्षिता: उत्तराखंड के देहरादून जिले में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्य आरोपी नवीन कुमार मित्तल को गिरफ्तार किया है. उन्हें PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर पांच दिन की ED कस्टडी में भेजा गया है. ED के अनुसार फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन का मालिकाना हक दिखाकर उसे निर्दोष खरीदारों को बेचा गया. इस प्रक्रिया में करीब 3.24 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि सामने आई है. जांच में मित्तल के कथित तौर पर फर्जी बैंक खाते के संचालन की बात भी सामने आई. अगस्त में हुई तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सामने आए बड़े जमीन फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के देहरादून कार्यालय ने नवीन कुमार मित्तल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें PMLA की विशेष अदालत देहरादून के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें पांच दिन की ED कस्टडी में भेज दिया.
दो मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी: ED के मुताबिक यह जांच उत्तराखंड पुलिस की ओर से देहरादून में जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और जमीन की धोखाधड़ी पूर्ण बिक्री से संबंधित दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की गई थी. पुलिस की ओर से इनमें से दो मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. इन मामलों में नवीन कुमार मित्तल को मुख्य आरोपी और कथित तौर पर धोखाधड़ी से हुए लाभ का प्रमुख लाभार्थी बताया गया है.
करीब 3.24 करोड़ रुपए का घोटाला आया सामने: जांच के दौरान ED को कथित तौर पर सामने आया कि नवीन कुमार मित्तल ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने सह-आरोपी को जमीन का वास्तविक मालिक बताकर पेश किया और इसके बाद जमीन को निर्दोष खरीदारों को बेच दिया गया. ED के अनुसार इस बिक्री से करीब 3.24 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि प्राप्त हुई.
कई अन्य फर्जीवाड़े भी आए सामने: अगस्त 2026 में ED की ओर से मित्तल के परिसरों पर तलाशी भी ली गई थी. इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए. ED का कहना है कि जांच के दौरान जमीन से जुड़े अन्य फर्जीवाड़ों में भी मित्तल की भूमिका सामने आई है, जिनकी जांच अभी जारी है.
जांच एजेंसी ने कहा है कि फर्जी राजस्व रिकॉर्ड और जाली टाइटल दस्तावेजों के जरिए जमीन से जुड़े अपराध उत्तराखंड में गंभीर आर्थिक अपराध के रूप में सामने आ रहे हैं. ऐसे मामलों में अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें PMLA के तहत अटैच और जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. मामले में ED की आगे की जांच जारी है.
