देहरादून, 25 सितंबर 2026। Harshita उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी परिस्थितियों के कारण बेघर या बेसहारा हुई महिलाओं के पुनर्वास के लिए आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स के मुताबिक, इस संबंध में प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। अभी यह योजना प्रस्तावित चरण में है और अंतिम फैसला बोर्ड की बैठक के बाद होगा।
वक्फ की जमीन पर बन सकते हैं घर
शादाब शम्स के अनुसार, वक्फ बोर्ड के पास उपलब्ध संपत्तियों और जमीन का इस्तेमाल जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए किए जाने की संभावना है। हालांकि, कितने घर बनाए जाएंगे, किन महिलाओं को पात्र माना जाएगा और किन संपत्तियों का इस्तेमाल होगा, इसका फैसला अभी होना बाकी है। इसके लिए कानूनी प्रावधानों की भी जांच की जाएगी। �
अक्टूबर की बैठक में आएगा प्रस्ताव
रिपोर्टों के मुताबिक, वक्फ बोर्ड की आगामी बैठक अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। बैठक में योजना की व्यवहार्यता, पात्रता और वक्फ संपत्तियों के उपयोग से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। प्रस्ताव मंजूर होने और कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होने के बाद ही इसके क्रियान्वयन की तस्वीर सामने आएगी।
बच्चों के साथ बेघर होने वाली महिलाओं पर फोकस
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा है कि वैवाहिक विवादों के बाद कुछ महिलाओं के सामने रहने और आर्थिक सुरक्षा की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है, खासकर जब उनके साथ बच्चे भी हों। प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सुरक्षित छत और पुनर्वास का आधार उपलब्ध कराना है।
⚖️ UCC के बाद सामाजिक सहायता पर जोर
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के नियम 2025 से लागू हैं। वक्फ बोर्ड की प्रस्तावित आवास पहल को इससे अलग एक सामाजिक कल्याण योजना के रूप में देखा जा रहा है। इसके लागू होने के लिए वक्फ बोर्ड को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ना होगा।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि मुफ्त आवास की योजना अभी लागू नहीं हुई है। अक्टूबर की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर फैसला होने के बाद ही पात्रता, घरों की संख्या, स्थान और योजना के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी।
