Rishikesh,Harshita मुख्य सुरंग और एस्केप टनल को प्रत्येक 375 मीटर की दूरी पर क्रॉस पैसेज से जोड़ा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
209 किलोमीटर टनलिंग का काम पूरा
ओपी मालगुड़ी के मुताबिक, परियोजना में कुल टनलिंग की लंबाई लगभग 213 किलोमीटर है। इसमें करीब 104 किलोमीटर मुख्य सुरंगें शामिल हैं। अब तक लगभग 209 किलोमीटर टनलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को मिलेगा बढ़ावा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इससे चारधाम यात्रा, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का एक आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
यह परियोजना केवल रेल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के विकास, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
